किसानों की मेहनत पर डाका बर्दाश्त नहीं: धान खरीदी में गड़बड़ी पर भड़कीं विधायक उत्तरी जांगड़े, पढ़े पूरी खबर,,,,

सारंगढ़। जिले एवं सारंगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में किसानों से तय मानक से अधिक धान तौले जाने का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अतिरिक्त तौल की शिकायतें लगातार सामने आने पर विधायक उत्तरी जांगड़े ने इसे किसानों के साथ सीधा अन्याय बताया है।
कलेक्टर से की शिकायत, सख्त कार्रवाई की मांग
इस मुद्दे को लेकर विधायक उत्तरी जांगड़े ने जिला पंचायत सदस्य विनोद भारद्वाज, हरिहर जायसवाल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अरुण मालाकार, जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि राजीव ठाकुर एवं विधायक प्रतिनिधि गणपत जांगड़े के साथ कलेक्टर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने किसानों के हित में तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग रखी।
तय सीमा से ज्यादा तौल, किसानों को नुकसान
विधायक ने कलेक्टर को अवगत कराया कि शासन द्वारा प्रति कट्टा धान का निर्धारित वजन 40 किलो 600 ग्राम तय है, लेकिन कई खरीदी केंद्रों में इससे कहीं अधिक धान लिया जा रहा है। कहीं 700 ग्राम तो कहीं 1 से 1.5 किलो तक अतिरिक्त तौल की जा रही है। कुछ केंद्रों पर 41 किलो 200 ग्राम से लेकर 41 किलो 800 ग्राम तक धान तौला जाना गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
एक केंद्र से ही रोज क्विंटल भर नुकसान
उन्होंने कहा कि यदि केवल एक धान खरीदी केंद्र का ही आकलन किया जाए, तो प्रतिदिन किसानों से कई क्विंटल अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। इससे अन्नदाता किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। भेड़वन धान खरीदी केंद्र में सामने आया मामला इसका ताजा उदाहरण है, जहां किसानों ने खुले तौर पर अतिरिक्त तौल की शिकायत दर्ज कराई है।
अतिरिक्त धान का भुगतान या वापसी हो
विधायक उत्तरी जांगड़े ने मांग की कि जिन किसानों से अतिरिक्त धान लिया गया है, उसका भुगतान तत्काल नकद किया जाए या फिर अतिरिक्त धान उन्हें वापस लौटाया जाए। साथ ही जिन खरीदी केंद्रों में अनियमितताएं पाई गई हैं, वहां के अध्यक्षों एवं प्रबंधकों पर कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटाया जाए।
पारदर्शिता और निगरानी की जरूरत
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि किसानों की मेहनत और पसीने की कमाई पर डाका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए सभी धान खरीदी केंद्रों में तौल व्यवस्था की नियमित निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक कांटों की जांच व सीलिंग तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग भी की गई।
जांच का आश्वासन
कलेक्टर ने विधायक एवं प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ठोस कदम उठाकर उन्हें उनका हक दिलाएगा।



