फर्जी पत्रकार के ऊपर एफआईआर होने और प्रतिबंधात्मक शब्दों के उपयोग करने पर पीआरओ ने लिया संज्ञान, पढ़े पूरी खबर,,,,

सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले में कथित फर्जी पत्रकारों पर हुई एफआईआर और मीडिया में प्रतिबंधात्मक शब्दों के उपयोग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रभारी जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) ने सख्त कदम उठाए हैं। अब मीडिया संस्थानों से नवीन नियुक्ति पत्र लेकर जनसंपर्क कार्यालय में प्रति जमा करने वाले नए पत्रकारों का साक्षात्कार लिया जा रहा है।
पीआरओ द्वारा शुरू किए गए इस इंटरव्यू प्रोसेस में पत्रकारिता की पृष्ठभूमि, नियम-कानून, प्रतिबंधात्मक शब्दों की जानकारी, कार्यक्षेत्र तथा मूलभूत ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं। इसका उद्देश्य नए पत्रकारों को प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी या गलत शब्दों के उपयोग से होने वाली कानूनी कार्रवाई और सजा से बचाना बताया गया है।
जारी संदेश में पीआरओ ने कहा कि मीडिया संस्थान नियुक्ति देते समय पत्रकार के ज्ञान की परख करते हैं या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। ऐसे में जनसंपर्क कार्यालय आने वाले नए पत्रकारों के ज्ञान का परीक्षण किया जाएगा, ताकि वे सामाजिक मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते समय नियमों का पालन करें और अनावश्यक एफआईआर से बच सकें।
जानकारी के अनुसार अब तक नवरंगपुर के द्वितीय वर्ष के एक छात्र और सरसींवा क्षेत्र के एक अन्य पत्रकार का इंटरव्यू लिया जा चुका है। मंगलवार, 3 फरवरी को हुए साक्षात्कार में सोनियाडीह के एक व्यक्ति ने मजाकिया लहजे में कहा, “पहले पता होता तो रट कर आते।”




