कलेक्टर जनदर्शन में गूंजा गाड़ापाली का मुद्दा, किसानों ने सौंपा ज्ञापन, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

सरसींवा मंडी में ही यथावत रखने की मांग, मधाईभाठा में शामिल करने का किया विरोध
विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़,
जिले के साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन में आज ग्राम पंचायत कोदवा के आश्रित ग्राम गाड़ा पाली के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर जोरदार तरीके से आवेदन प्रस्तुत किया। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि उन्हें सरसींवा सहकारी समिति (उपमंडी) के अंतर्गत ही यथावत रखा जाए और मधाईभाठा मंडी में शामिल करने के निर्णय को निरस्त किया जाए।
ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से सरसींवा सहकारी समिति के माध्यम से ही अपना लेन-देन एवं धान विक्रय करते आ रहे हैं, जो उनके लिए पूरी तरह सुविधाजनक रहा है। वर्तमान में प्रशासन द्वारा उन्हें मधाईभाठा मंडी में जोड़े जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे किसानों में असंतोष व्याप्त है।
दूरी बनी बड़ी परेशानी
किसानों ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया कि गाडापाली से सरसींवा की दूरी मात्र 2 किलोमीटर है, जबकि मधाईभाठा मंडी 5 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में अतिरिक्त दूरी के कारण समय, श्रम और परिवहन लागत बढ़ेगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
प्रशासनिक जुड़ाव भी सरसींवा से
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उनका ग्राम पंचायत कोदवा एवं पटवारी हल्का नंबर सरसींवा के अंतर्गत आता है। इस कारण सभी प्रशासनिक कार्य पहले से ही सरसींवा से जुड़े हुए हैं, जिससे वहां मंडी व्यवस्था उनके लिए अधिक सहज और व्यवस्थित है।
किसानों ने बताया—मधाईभाठा में शामिल होना अव्यवहारिक
ग्रामवासियों का कहना है कि बिना स्थानीय परिस्थितियों को समझे उन्हें मधाईभाठा मंडी में शामिल किया जा रहा है, जो पूरी तरह अव्यवहारिक निर्णय है। इससे किसानों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि गाडापाली ग्राम को पूर्ववत सरसींवा मंडी में ही रखा जाए, ताकि किसान बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपना धान विक्रय एवं लेन-देन कर सकें।
इस दौरान सूरज मनहर (सरपंच ) अभिषेक सिंह(उपसरपंच), चितरंजन प्रसाद रात्रे सहित पंचगण—जुगनू, प्रेमबाई, मीना, सोना बाई, बीरबल, खोलबहरा, पानबेचा, पीलूराम जांगड़े, मदनलाल, नंदलाल, दशरथ, दिलीप एवं समस्त ग्रामवासियों ने किया विरोध
प्रशासन से जल्द निर्णय की उम्मीद
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित निर्णय लेगा, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।




