बिलासपुर रेंज के नव-नियुक्त सब-इंस्पेक्टरों को आईजी राम गोपाल गर्ग की सीख: अनुशासन, तकनीक और जनसेवा को बनाएं प्राथमिकता, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,,

छत्तीसगढ़ पुलिस का भविष्य नए बैच के हाथों में, आईजी ने दिलाई कर्तव्यनिष्ठा की शपथ
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़,बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने रेंज में पदस्थ नव-नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (सब-इंस्पेक्टरों) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की। रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना भवन में आयोजित इस बैठक में नव-नियुक्त अधिकारियों को पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों, तकनीकी दक्षता, विवेचना कौशल, जनसंवेदनशीलता और विभागीय अनुशासन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में , , , , तथा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं बिलासपुर रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
आईजी श्री गर्ग ने कहा कि पुलिस अधिकारी का आचरण केवल उसका व्यक्तिगत व्यवहार नहीं होता, बल्कि वह पूरे विभाग की छवि को प्रदर्शित करता है। उन्होंने नव-नियुक्त अधिकारियों को चेताया कि किसी भी प्रकार का कदाचार पुलिस की प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी को मर्यादित आचरण और कानून के प्रति पूर्ण निष्ठा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यातायात नियमों का स्वयं पालन कर जनता के सामने आदर्श प्रस्तुत करने पर भी जोर दिया।

तकनीकी दक्षता को वर्तमान पुलिसिंग की आवश्यकता बताते हुए आईजी ने कहा कि सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को सीसीटीएनएस (CCTNS) में स्वयं प्रविष्टियां करना सीखना होगा तथा विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्म और एप्लीकेशनों का प्रभावी उपयोग करना होगा। उन्होंने ‘सशक्त’, ‘ई-साक्ष्य’, ‘आईओ मितान’ और ‘समाधान’ जैसे तकनीकी माध्यमों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कंप्यूटर संचालन, सोशल मीडिया और साइबर अपराधों से संबंधित जानकारी में दक्षता विकसित करने पर बल दिया।

बैठक में विवेचना और फील्ड अनुभव को लेकर भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। नव-नियुक्त उप निरीक्षकों को कम से कम पांच समन और पांच वारंट तामील करने का लक्ष्य दिया गया, ताकि वे जमीनी स्तर की चुनौतियों को समझ सकें। उन्हें पुरानी एफआईआर और चार्जशीट का अध्ययन करने तथा अनुभवी विवेचकों और मोहर्रिरों से सीख लेकर जांच कार्य में दक्षता विकसित करने की सलाह दी गई।
आईजी श्री गर्ग ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाले प्रत्येक पीड़ित की समस्या को धैर्यपूर्वक सुनना और उसे न्याय दिलाने का भरोसा देना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संवेदनशील और सकारात्मक व्यवहार से ही पुलिस के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा।

बैठक में विभागीय नियमों और अनुशासन के पालन पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों को आचरण नियमावली का कड़ाई से पालन करने, सदाचार बनाए रखने तथा दैनिक गतिविधियों का नियमित लेखा-जोखा रखने के लिए डेली डायरी अनिवार्य रूप से संधारित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी समय औचक निरीक्षण किया जा सकता है।
बैठक के अंत में आईजी राम गोपाल गर्ग ने रेंज के सभी नव-नियुक्त प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आने वाले 20 से 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ पुलिस की कार्यशैली और छवि को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी इसी नई पीढ़ी के कंधों पर होगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा, अनुशासन और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।




