धर्मांतरण पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला सामाजिक न्याय की जीत: दीनानाथ खूंटे, पढ़े पूरी खबर,,,,,

विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धर्मांतरण और अनुसूचित जाति (SC) दर्जे को लेकर दिए गए ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए भाजपा जिला उपाध्यक्ष दीनानाथ खूंटे ने इसे “सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना की निर्णायक जीत” बताया है।
दीनानाथ खूंटे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्पष्ट और कठोर फैसले में यह सिद्ध कर दिया है कि अनुसूचित जाति का दर्जा किसी राजनीतिक या आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि सदियों के सामाजिक अत्याचार और ऐतिहासिक अन्याय की भरपाई का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन करने के बाद SC दर्जे का दावा करना न केवल संविधान के साथ छल है, बल्कि वास्तविक पात्र समाज के अधिकारों पर सीधा आघात भी है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्षों से देश के कई हिस्सों में धर्मांतरण के बाद भी फर्जी तरीके से SC प्रमाणपत्र बनाकर आरक्षण का लाभ लेने की शिकायतें सामने आती रही हैं। “अब सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने ऐसे सभी प्रयासों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है। यह निर्णय उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो सामाजिक न्याय की व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे थे।”
दीनानाथ खूंटे ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “कुछ राजनीतिक दल तुष्टिकरण की राजनीति के चलते ऐसे मुद्दों पर भ्रम फैलाते रहे हैं, लेकिन अब देश की सर्वोच्च अदालत ने सच्चाई को स्पष्ट कर दिया है। धर्म की स्वतंत्रता सभी को है, लेकिन संविधान के प्रावधानों के साथ समझौता किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं होगा।”
उन्होंने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सामाजिक संतुलन को मजबूत करेगा और वास्तविक वंचित वर्गों को उनका हक दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
अंत में दीनानाथ खूंटे ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह फैसला सामाजिक न्याय की रक्षा और संविधान की मर्यादा बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जिसका भारतीय जनता पार्टी पूर्ण समर्थन करती है।”




