खबर का असर: आमाकोनी बांध की नहर का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीओ, बजट स्वीकृत होते ही होगी सफाई, पढ़े पूरी खबर,,,,

नईदुनिया की खबर के बाद हरकत में आया जल संसाधन विभाग, चंडीडबरी से आगे तीन किलोमीटर तक पैदल किया निरीक्षण; किसानों से एक सप्ताह तक पानी आगे जाने देने की अपील
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़ | आमाकोनी बांध की नहर में उगी घास और झाड़ियों के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने में हो रही परेशानी को लेकर नईदुनिया में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद इसका असर देखने को मिला है। जल संसाधन विभाग के एसडीओ जोवेल मिंज नहर की स्थिति का जायजा लेने मौके पर पहुंचे। उन्होंने विशालपुर नहर से पैदल चलते हुए चंडीडबरी से आगे करीब तीन किलोमीटर तक नहर का मुआयना किया। एसडीओ ने भरोसा दिलाया कि बजट स्वीकृत होते ही नहर की साफ-सफाई का काम जल्द कराया जाएगा।
जिला मुख्यालय सारंगढ़ से महज चार से पांच किलोमीटर दूर स्थित आमाकोनी बांध, जिसे पुटका जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, आसपास के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। लेकिन नहर में जगह-जगह घास और झाड़ियां उग आने से पानी के प्रवाह को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई थी। किसानों की इस समस्या को नईदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया।

एसडीओ जोवेल मिंज ने बताया कि नहर की साफ-सफाई के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही सफाई कार्य कराया जाएगा। इससे किसानों को उम्मीद जगी है कि जल्द ही नहर की सफाई कर पानी के प्रवाह को बेहतर बनाया जाएगा। हालांकि, सफाई कार्य कब शुरू होगा, यह बजट की स्वीकृति पर निर्भर करेगा।

वहीं, नहर के पानी का लाभ अंतिम छोर पर स्थित किसानों तक पहुंचाने के लिए एसडीओ ने चंडीडबरी, सहसपुर और भंवरपुर के किसानों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने किसानों से कहा कि वे बीच-बीच में कुलापा नहीं खोलें और एक सप्ताह तक पानी को सीधे आगे जाने दें, ताकि निचले हिस्से के खेतों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके।

दरअसल, नहर के शुरुआती हिस्से में पानी रोक लेने या खेतों की ओर मोड़ देने से अंतिम छोर के किसानों को पर्याप्त पानी मिलने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसानों के बीच आपसी तालमेल और पानी का व्यवस्थित वितरण जरूरी है। विभाग की इस अपील से उम्मीद है कि नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
नईदुनिया की खबर के बाद एसडीओ का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करना किसानों की समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अब किसानों की नजर बजट स्वीकृति और नहर की सफाई शुरू होने पर टिकी है। किसानों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा, ताकि सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसल प्रभावित न हो।




