छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

जिला अस्पताल सारंगढ़ में 2000 से अधिक नि:शुल्क डायलिसिस सत्र पूरे, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

जीवनधारा सेवा से किडनी मरीजों को बड़ी राहत, बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने की मजबूरी हुई कम

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन

सारंगढ़ | किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए जिला चिकित्सालय सारंगढ़ की जीवनधारा नि:शुल्क डायलिसिस सेवा बड़ी राहत बनकर सामने आई है। प्रधानमंत्री नि:शुल्क डायलिसिस सेवा के अंतर्गत अस्पताल की डायलिसिस यूनिट ने 2000 से अधिक सफल डायलिसिस सत्र पूरे कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस सेवा के चलते जिले के मरीजों को नियमित डायलिसिस के लिए रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम हुई है। इससे मरीजों और उनके परिजनों के समय, यात्रा और उपचार पर होने वाले खर्च में भी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के क्रम में जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में संचालित यह सेवा गंभीर किडनी रोगियों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। नियमित डायलिसिस की आवश्यकता वाले मरीजों को अपने ही जिले में नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलने से उन्हें लंबी दूरी की यात्रा और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत मिल रही है।

इस उपलब्धि के पीछे जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के प्रभावी प्रबंधन में डायलिसिस यूनिट का संचालन व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। मरीजों की जरूरत के अनुसार निर्धारित समय पर डायलिसिस सत्र संचालित किए जा रहे हैं।

डायलिसिस जैसी जटिल और संवेदनशील चिकित्सा सेवा में मरीज की स्थिति पर लगातार निगरानी बेहद जरूरी होती है। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जाती है। संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वच्छता और सैनिटाइजेशन का विशेष ध्यान रखा जाता है। डायलिसिस प्रक्रिया के दौरान तकनीकी मानकों और निर्धारित प्रोटोकाल का पालन सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

यूनिट की सफलता में चिकित्सकों के साथ नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। मरीजों के साथ संवेदनशील व्यवहार करते हुए उन्हें उपचार के दौरान मानसिक संबल देने पर भी जोर दिया जाता है। लंबे समय से किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों के लिए नियमित डायलिसिस केवल चिकित्सा प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके जीवन को सामान्य रूप से आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

सैकड़ों परिवारों को मिली आर्थिक राहत

नियमित डायलिसिस कराने वाले मरीजों को पहले उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। आने-जाने का किराया, मरीज के साथ परिजन का खर्च, बाहर रहने और उपचार से जुड़े अन्य खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डालते थे। जिला अस्पताल में नि:शुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध होने से ऐसे परिवारों को काफी राहत मिली है। स्थानीय स्तर पर सेवा उपलब्ध होने से मरीजों का समय भी बच रहा है और उपचार जारी रखना आसान हुआ है।

सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने 2000 से अधिक डायलिसिस सत्र पूरे होने को पूरी टीम की उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह आंकड़ा सिर्फ एक संख्या नहीं है, बल्कि उन मरीजों और परिवारों की उम्मीद का प्रतीक है, जिन्हें समय पर उपचार की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि डायलिसिस यूनिट की टीम आगे भी मरीजों को बेहतर और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने इस उपलब्धि पर जिला चिकित्सालय की पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक सुलभ बनाने के लिए टीम भावना और बेहतर प्रबंधन को महत्वपूर्ण बताया। जिला अस्पताल में नि:शुल्क डायलिसिस सेवा के 2000 से अधिक सत्र पूरे होना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। आने वाले समय में ऐसी सेवाओं को और मजबूत करने से जिले के लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

Related Articles

Back to top button
ब्रेकिंग न्यूज़