500 परिवारों को आबादी पट्टा देने की मांग, अमित कुमार सार्थी के नेतृत्व में कलेक्टर को सौंपा आवेदन, पढ़े पूरी खबर,,,,,

स्वीपरपारा और रेंजरपारा के रहवासियों ने कहा—वर्षों से काबिज परिवारों को मिले भूमि का वैधानिक अधिकार
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 05 स्थित स्वीपरपारा एवं वार्ड क्रमांक 06 स्थित रेंजरपारा रायपुर रोड में लंबे समय से निवासरत करीब 500 परिवारों की आवासीय भूमि को आबादी घोषित कर पात्र परिवारों को आबादी पट्टा एवं स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रदान किए जाने की मांग उठी है। इस संबंध में अमित कुमार सार्थी के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 06 की माताओं-बहनों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।

आवेदन में बताया गया कि स्वीपरपारा एवं रेंजरपारा क्षेत्र में अनेक परिवार पिछले लंबे समय से अपने मकान बनाकर निवास करते आ रहे हैं। वर्षों से निवासरत होने के बावजूद कई परिवारों के पास भूमि से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते उन्हें अपनी आवासीय भूमि पर वैधानिक अधिकार साबित करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं भूमि संबंधी दस्तावेज नहीं होने के कारण प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
राजस्व अभिलेखों की जांच और स्थल निरीक्षण की मांग
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित क्षेत्र का स्थल निरीक्षण कराया जाए तथा राजस्व अभिलेखों की जांच कर वास्तविक रूप से लंबे समय से निवासरत परिवारों की पहचान की जाए। इसके बाद शासन के नियमानुसार पात्र परिवारों की सूची तैयार कर आवासीय भूमि को आबादी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि पात्र परिवारों को आबादी पट्टा अथवा स्वामित्व संबंधी वैधानिक दस्तावेज प्रदान किए जाएं, ताकि उन्हें अपने मकान और भूमि पर कानूनी अधिकार प्राप्त हो सके। नागरिकों का कहना है कि दस्तावेजों के अभाव में उन्हें कई तरह की प्रशासनिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में हो रही परेशानी
स्थानीय लोगों के अनुसार आवासीय भूमि का पट्टा अथवा स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध होने से परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सुविधा होगी। साथ ही भविष्य में भूमि एवं मकान को लेकर होने वाले विवादों की संभावना भी कम होगी।
अमित कुमार सार्थी ने कहा कि स्वीपरपारा और रेंजरपारा में कई परिवार वर्षों से निवासरत हैं। इन परिवारों की समस्या केवल भूमि दस्तावेज तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर उनके आवास और अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ पर भी पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थल निरीक्षण, दस्तावेजों की जांच एवं पात्रता परीक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि वर्षों से निवासरत पात्र परिवारों के हित में प्रशासन को सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए नियमानुसार आबादी पट्टा प्रदान करने की दिशा में आवश्यक पहल करनी चाहिए। इससे करीब 500 परिवारों को अपने मकान और भूमि का वैधानिक अधिकार मिल सकेगा तथा वे सरकारी योजनाओं का लाभ भी सुगमता से प्राप्त कर सकेंगे।




