ई-रिक्शा से दफ्तर पहुंचे जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय, दिया ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,

पीएम मोदी की अपील का सारंगढ़ में दिखा असर, सादगी और जिम्मेदारी की बनी मिसाल
विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़। बढ़ते ईंधन संकट और पर्यावरण प्रदूषण के बीच अब वैकल्पिक परिवहन को अपनाने की पहल जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगी है। इसी कड़ी में सारंगढ़ में एक अलग तस्वीर सामने आई, जब जिला पंचायत अध्यक्ष ने सरकारी वाहन और वीआईपी व्यवस्था से अलग हटकर ई-रिक्शा से जिला पंचायत कार्यालय पहुंचकर लोगों को सकारात्मक संदेश दिया।
प्रधानमंत्री द्वारा ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर समय-समय पर किए जा रहे आह्वान से प्रेरित इस पहल ने शहर में चर्चा का विषय बना दिया। आमतौर पर जनप्रतिनिधियों की सरकारी वाहनों पर निर्भरता के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष का यह कदम लोगों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है।
कार्यालय पहुंचने के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि ईंधन की बचत केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि ई-रिक्शा जैसे आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल साधन प्रदूषण कम करने के साथ-साथ आम लोगों के लिए सुविधाजनक और कम खर्चीले विकल्प बनकर उभर रहे हैं।
उन्होंने जिले के नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर ईंधन की खपत कम करने का प्रयास करें। उनका मानना है कि यदि समाज का हर वर्ग अपनी आदतों में थोड़ा बदलाव करे तो इसका सकारात्मक प्रभाव पर्यावरण और देश दोनों पर दिखाई देगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष के इस कदम का कार्यालय परिसर में मौजूद कर्मचारियों और नागरिकों ने स्वागत किया। लोगों ने इसे एक जनप्रतिनिधि की सादगी, जिम्मेदारी और जनजागरूकता से जुड़ी पहल बताते हुए कहा कि जब नेतृत्व स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करता है तो उसका प्रभाव समाज में अधिक व्यापक रूप से दिखाई देता है।
सारंगढ़ में उठाया गया यह कदम अब केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि जिम्मेदार जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।




