जिला अस्पताल सारंगढ़ में लगी अत्याधुनिक HPLC मशीन, अब नि:शुल्क होगी सिकेल सेल की सटीक जांच

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है। जिला कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के विशेष प्रयासों से जिला चिकित्सालय सारंगढ़ स्थित अटल आरोग्य लैब में सिकेल सेल बीमारी की पुष्टि जांच (कन्फर्मेटरी टेस्ट) के लिए अत्याधुनिक एचपीएलसी (हाई परफॉर्मेंस लिक्विड क्रोमैटोग्राफी) मशीन स्थापित कर दी गई है। इस सुविधा के शुरू होने से अब जिले के मरीजों को सिकेल सेल की सटीक जांच के लिए बड़े शहरों या अन्य जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा। खास बात यह है कि यह जांच पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एचपीएलसी मशीन सिकेल सेल वाहक (एएस) और सिकेल सेल रोगी (एसएस) की सटीक पहचान करने में सक्षम है। इससे मरीजों का समय पर निदान संभव होगा और चिकित्सक उचित उपचार योजना बनाकर गंभीर जटिलताओं को रोक सकेंगे। जिले में बड़ी संख्या में सिकेल सेल जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, ऐसे में यह मशीन मरीजों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी।
क्या है सिकेल सेल बीमारी
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने बताया कि सिकेल सेल एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कणिकाएं सामान्य गोल आकार के बजाय हंसिया के आकार की हो जाती हैं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह प्रभावित होता है और मरीज को खून की कमी, तेज दर्द, कमजोरी तथा बार-बार संक्रमण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सिकेल सेल के दो प्रमुख प्रकार होते हैं। पहला सिकेल सेल ट्रेट (एएस), जिसमें व्यक्ति बीमारी का वाहक होता है और सामान्य जीवन जी सकता है, लेकिन यह जीन अगली पीढ़ी तक पहुंच सकता है। दूसरा सिकेल सेल रोग (एसएस), जिसमें माता-पिता दोनों से सिकेल जीन मिलने पर गंभीर बीमारी विकसित होती है। ऐसे मरीजों में एनीमिया, दर्द के दौरे और संक्रमण की संभावना अधिक रहती है।
एचपीएलसी मशीन से मिलेगा सटीक परिणाम
नई तकनीक आधारित एचपीएलसी मशीन के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से पता लगाया जा सकेगा कि व्यक्ति सिकेल सेल का वाहक है या रोग से पीड़ित। इससे रिपोर्ट की शुद्धता बढ़ेगी और मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सकेगा। चिकित्सकों को भी रोग की गंभीरता के अनुसार दवा एवं उपचार तय करने में आसानी होगी।
उपचार की मिलेगी बेहतर सुविधा
जिला चिकित्सालय में सिकेल सेल मरीजों को फोलिक एसिड एवं हाइड्रोक्सीयूरिया जैसी आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। गंभीर एनीमिया की स्थिति में सुरक्षित रक्त चढ़ाने की व्यवस्था भी है। इसके साथ ही मरीजों को पर्याप्त पानी पीने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा अत्यधिक गर्मी और ठंड से बचने की सलाह दी जाती है।
शादी से पहले कराएं जांच : डॉ. जायसवाल
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सिकेल सेल जैसी अनुवांशिक बीमारी की रोकथाम के लिए विवाह पूर्व एवं गर्भावस्था के दौरान जांच कराना बेहद आवश्यक है। इससे भविष्य में होने वाली पीढ़ियों को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।
जल्द शुरू होगी कल्चर टेस्ट की सुविधा
अटल आरोग्य लैब में माइक्रोबायोलॉजी जांच के लिए आवश्यक उपकरण भी प्राप्त हो चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार निकट भविष्य में कल्चर टेस्ट की सुविधा भी शुरू की जाएगी। इससे संक्रमण संबंधी बीमारियों की पहचान और उपचार में मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
जिला चिकित्सालय में लगातार बढ़ रही आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच एचपीएलसी मशीन की स्थापना को जिले के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को लाभ मिलेगा।




