छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

घर-घर कचरा संग्रहण को बढ़ावा देने ग्राम छिंद पहुंचीं कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, पढ़े पूरी खबर,,,,,

ग्रामीणों के साथ बैठक कर गीला एवं सूखा कचरा पृथक्करण की दी जानकारी, स्वच्छता अभियान में जनभागीदारी पर दिया जोर

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन

सारंगढ़-बिलाईगढ़, । जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ग्राम पंचायत छिंद पहुंचीं। यहां उन्होंने ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों, सचिवों तथा स्वच्छता समूह की महिलाओं के साथ बैठक कर घर-घर कचरा संग्रहण, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

कलेक्टर ने कहा कि जिस प्रकार ग्रामीणों के सहयोग से गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) बनाया गया, उसी प्रकार अब गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखकर स्वच्छ गांव बनाने की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने बताया कि रसोई से निकलने वाले फल-सब्जियों के छिलके, बचे हुए खाद्य पदार्थ और अन्य जैविक अपशिष्ट गीले कचरे की श्रेणी में आते हैं, जबकि प्लास्टिक, पॉलीथिन, कागज, बोतलें एवं अन्य गैर-जैविक सामग्री सूखे कचरे में शामिल होती हैं।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने ग्रामीण लाभो निषाद, शांति निषाद एवं सावित्री सिदार के घर पहुंचकर स्वयं गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। उन्होंने महिलाओं को समझाया कि कचरे का पृथक्करण न केवल स्वच्छता के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण और बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।

उन्होंने ग्रामीणों को प्लास्टिक एवं पॉलीथिन के दुष्प्रभावों से भी अवगत कराया। कलेक्टर ने कहा कि प्लास्टिक और पॉलीथिन को जलाने से निकलने वाली जहरीली गैसें मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए अत्यंत हानिकारक होती हैं। इसलिए इनका सुरक्षित संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जाना जरूरी है।

इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत बर्मन ने ग्रामवासियों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोटवार के माध्यम से गांव में नियमित मुनादी कराई जाए तथा घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों या खुले में कचरा फेंकने वालों पर पंचायत द्वारा 50 रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा, ताकि लोग स्वच्छता के नियमों का पालन करें।

कार्यक्रम में सरपंच नरेश रात्रे, स्वच्छता दीदियां, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीणजन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने भी स्वच्छता अभियान को सफल बनाने और अपने गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने का संकल्प लिया।

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