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कक्षा 9वीं-10वीं की पाठ्यपुस्तकें गायब होने का आरोप, डीईओ से कार्रवाई की मांग

पीएम श्री स्कूल के प्रभारी प्राचार्य पर गंभीर आरोप, सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का दावा

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन

सारंगढ़।नईदुनिया पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ में कक्षा 9वीं एवं 10वीं के विद्यार्थियों के लिए शासन से प्राप्त पाठ्यपुस्तकों के गायब होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ को शिकायत प्रस्तुत कर मामले की तत्काल जांच कराने और जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत की प्रतिलिपि शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर और कलेक्टर सारंगढ़-बिलाईगढ़ को भी भेजी गई है।

शिकायत में उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकें प्राप्त होने के बावजूद उन्हें करीब दो माह तक विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं कराया गया। विद्यार्थियों के पालकों द्वारा पुस्तकें नहीं मिलने की शिकायत किए जाने के बाद विद्यालय प्रबंधन से जानकारी लेने पर बताया गया कि 8 जुलाई 2026 को पाठ्यपुस्तकें विद्यालय को प्राप्त हो चुकी थीं। इसकी पावती तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य एवं व्याख्याता सुदीप्त प्रधान द्वारा दिए जाने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, जब प्रभारी प्राचार्य सुदीप्त प्रधान से पाठ्यपुस्तकों के संबंध में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि पुस्तकों के गायब होने की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी को पहले ही दे दी गई है। हालांकि शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा संबंधित विद्यालय अथवा शिकायतकर्ता को अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और न ही विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं।

सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि पाठ्यपुस्तकों के अभाव में विद्यालय में अध्ययनरत सैकड़ों विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। परीक्षा की तैयारी और नियमित अध्ययन के लिए पाठ्यपुस्तकें विद्यार्थियों के लिए आवश्यक हैं। ऐसे में शासन से विद्यालय को उपलब्ध कराई गई पुस्तकों का विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचना गंभीर मामला है। शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि विद्यालय को प्राप्त पाठ्यपुस्तकें आखिर कहां गईं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

पूर्व की वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत का भी हवाला

शिकायत में प्रभारी प्राचार्य सुदीप्त प्रधान के संबंध में पूर्व में की गई कथित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें नौ संविदा शिक्षकों द्वारा त्यागपत्र दिए जाने के बाद जमा हुई एक माह की वेतन राशि कुल 3 लाख 21 हजार 700 रुपये को शासकीय मद में जमा नहीं करने तथा शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर कथित फर्जी बिल प्रस्तुत कर 3 लाख 34 हजार 500 रुपये की राशि के संबंध में शिकायत किए जाने का दावा किया गया है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उक्त मामलों में कार्रवाई की बजाय शिकायत करने वाले नियमित प्राचार्य को ही अन्य विद्यालय में संलग्न कर दिया गया और विद्यालय में कार्यरत वरिष्ठ व्याख्याता की वरिष्ठता को दरकिनार करते हुए कनिष्ठ व्याख्याता सुदीप्त प्रधान को प्रभारी प्राचार्य बनाया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति और वेतनवृद्धि पर भी सवाल

शिकायत में प्रभारी प्राचार्य की नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सुदीप्त प्रधान द्वारा पूर्व में प्राचार्य के अधीन कार्य करने के दौरान गोपनीय चरित्रावली जमा नहीं किए जाने और सेवा सत्यापन से संबंधित प्रक्रियाओं का पालन किए बिना उन्हें प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया गया। साथ ही शिकायतकर्ता ने वेतनवृद्धि आदेश जारी किए जाने पर भी सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जहां नियमित प्राचार्य को पिछले दो वर्षों से वेतनवृद्धि प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने और कार्य करने के बावजूद वेतन भुगतान में रोक जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा, वहीं प्रभारी प्राचार्य के मामले में अलग नियम अपनाए गए। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले में विभागीय नियमों और प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

पाठ्यपुस्तक गायब होना गंभीर मामला बताया

शिकायतकर्ता ने कहा है कि पाठ्यपुस्तकों का गायब होना केवल विभागीय लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। शासन द्वारा विद्यार्थियों को समय पर निःशुल्क पाठ्यपुस्तक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती है। ऐसे में विद्यालय को प्राप्त पुस्तकों का विद्यार्थियों तक नहीं पहुंचना और लंबे समय तक उनका पता नहीं चलना जांच का विषय है।

शिकायत के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की तत्काल जांच कराने, पाठ्यपुस्तकों का पता लगाने, विद्यार्थियों को तत्काल पुस्तकें उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। साथ ही की गई कार्रवाई से शिकायतकर्ता को भी अवगत कराने का अनुरोध किया गया है।

इन बिंदुओं पर जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने मुख्य रूप से विद्यालय को 8 जुलाई 2026 को प्राप्त हुई पाठ्यपुस्तकों का भौतिक सत्यापन कराने, उपलब्ध पुस्तकों का मिलान करने, संबंधित पावती और स्टॉक रजिस्टर की जांच करने तथा पुस्तकों के वितरण की जानकारी लेने की मांग की है। इसके अलावा पूर्व में लगाए गए वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की भी निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया गया है।

मामले में अब शिक्षा विभाग की जांच और कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

वर्जन
सुदीप्त प्रधान, प्रभारी प्राचार्य, पीएम श्री स्कूल सारंगढ़ ने कहा कि विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम की कक्षा पहली से 10वीं तक की पाठ्यपुस्तकें प्राप्त हुई हैं। हिंदी माध्यम की कक्षा 9वीं और 10वीं की पाठ्यपुस्तकें विद्यालय को प्राप्त नहीं हुई हैं।

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