महिला आरक्षण पर भाजपा भ्रम फैला रही, परिसीमन बिल पास कराने की थी मंशा – कांग्रेस, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,

जिलास्तरीय प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर साधा निशाना, कहा—महिला आरक्षण लागू करने में जानबूझकर देरी
विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़,
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार रायगढ़ रोड स्थित सूर्यप्रभा कॉम्प्लेक्स के नवीन कांग्रेस कार्यालय में जिला कांग्रेस कमेटी सारंगढ़-बिलाईगढ़ द्वारा महिला आरक्षण के मुद्दे पर जिलास्तरीय प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाने और परिसीमन बिल को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन के नेतृत्व में आयोजित इस प्रेस वार्ता में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, बिलाईगढ़ विधायक कविता लहरें, महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरिता गोपाल, लता जाटवर अनिका विनोद भारद्वाज सहित अन्य नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, जबकि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है।

भ्रम फैला रही भाजपा, कानून पहले ही बन चुका है
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा यह गलत प्रचार कर रही है कि कांग्रेस और विपक्षी दलों के कारण महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका, जबकि सच्चाई यह है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 (128वां संविधान संशोधन) संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त कर चुका है और कानून बन चुका है।
131वां संशोधन बिल में महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन एजेंडा
नेताओं ने आरोप लगाया कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में प्रस्तुत 131वां संविधान संशोधन विधेयक का महिला आरक्षण से सीधा संबंध नहीं था। भाजपा इस बिल के माध्यम से परिसीमन संशोधन और केंद्र शासित प्रदेशों के कानूनों में बदलाव कराना चाहती थी।
उन्होंने बताया कि इस विधेयक में लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, जिसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जानी थीं। साथ ही परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने का प्रस्ताव रखा गया था।
जनगणना के नए आंकड़ों से पहले परिसीमन क्यों?
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब 2026-27 की नई जनगणना प्रस्तावित है और जातिगत जनगणना की भी बात हो रही है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कराने की जल्दबाजी क्यों की जा रही है।
तुरंत लागू हो सकता है महिला आरक्षण
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है। इसके लिए परिसीमन का इंतजार जरूरी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर इस प्रक्रिया को टाल रही है।
कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के अधिकारों के पक्ष में
प्रेस वार्ता में बताया गया कि पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने की पहल कांग्रेस सरकारों ने ही की थी। 1989 में राजीव गांधी द्वारा शुरू किए गए प्रयासों को 1993 में पीवी नरसिम्हा राव सरकार ने कानून का रूप दिया। इसके परिणामस्वरूप आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि सक्रिय हैं।
परिसीमन के बहाने राजनीतिक लाभ का प्रयास
जिलाध्यक्ष ताराचंद देवांगन ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन के जरिए राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष में करना चाहती है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि भाजपा को एकतरफा बहुमत मिलता है तो वह सर्वसम्मति के नाम पर मनमाने निर्णय ले सकती है, जिससे विपक्ष की भूमिका कमजोर हो जाएगी।
बड़ी संख्या में नेता व कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेस वार्ता में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संजय दुबे, सूरज तिवारी, पुरुषोत्तम साहू, घनश्याम मनहर, उमेश केशरवानी, राधेश्याम जायसवाल, बिनोद भारद्वाज, रामनाथ सिदार, राकेश पटेल, रमेश खुंटे, राकेश तिवारी, डॉ. दिलीप अनंत सहित अनेक कार्यकर्ता और पत्रकार उपस्थित रहे।




