छत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

जनशिकायतों पर सख्त कलेक्टर: 1 मई से गांव-गांव लगेगा समाधान शिविर, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,

30 अप्रैल तक हर हाल में लंबित भुगतान करने का अल्टीमेटम

आरबीसी 6-4, मनरेगा मजदूरी और पेंशन के बकाया जल्द होंगे क्लियर

महतारी वंदन योजना में ई-केवाईसी अनिवार्य, फर्जी हितग्राहियों पर लगेगी रोक

निर्माण कार्यों में ढिलाई पर सख्ती, खेलभांठा हॉस्टल की धीमी प्रगति पर इंजीनियर फटकारे गए

विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन


सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे ने साफ निर्देश दिए हैं कि 1 मई से 10 जून तक 15-20 पंचायतों के क्लस्टर बनाकर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां मौके पर ही शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध तरीके से निराकृत किया जाए।

बैठक में सूखाग्रस्त क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था पर भी विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश तक पानी की व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। साथ ही जल संसाधन विभाग को नहरों में पानी छोड़कर पशु-पक्षियों के लिए भी जल उपलब्ध कराने को कहा गया।

सबसे अहम निर्देश लंबित भुगतानों को लेकर दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं जैसे पेंशन, आरबीसी 6-4, प्रधानमंत्री आवास, मनरेगा मजदूरी और अन्य विकास कार्यों के सभी बकाया भुगतान 30 अप्रैल तक विशेष अभियान चलाकर हर हाल में पूरे किए जाएं।

महतारी वंदन योजना के तहत हितग्राहियों के लिए ई-केवाईसी को अनिवार्य बताते हुए कलेक्टर ने कहा कि जून तक अभियान चलाकर यह कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया निःशुल्क है और हितग्राही अपने नजदीकी च्वाइस सेंटर में जाकर आधार कार्ड के माध्यम से ई-केवाईसी अपडेट करा सकते हैं। इससे फर्जी लाभार्थियों पर रोक लगेगी और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सकेगा।

निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने गुणवत्ता और समय-सीमा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने नवीन संयुक्त जिला कार्यालय, जिला अस्पताल, एसडीएम कार्यालय सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं खेलभांठा स्थित ट्राइबल हॉस्टल के जीर्णोद्धार कार्य में सुस्ती पाए जाने पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई गई।

कलेक्टर के सख्त तेवर से साफ है कि अब लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है, वहीं आम जनता को भी जल्द राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

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