भाजपा भगवान राम के नाम पर झूठ बोल रही, मोदी सरकार ने मनरेगा की आत्मा खत्म की : शिवकुमार डहरिया, सुशील आनंद शुक्ला

सारंगढ़
सारंगढ़ में आयोजित फेस वार्ता एवं पत्रकारवार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवकुमार डहरिया तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा भगवान राम के नाम का राजनीतिक दुरुपयोग कर जनता को गुमराह कर रही है और मोदी सरकार ने मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना की मूल आत्मा को ही समाप्त कर दिया है।
फेस वार्ता के दौरान शिवकुमार डहरिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके नेता भगवान राम के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा बार-बार भगवान राम के नाम पर झूठ फैला रही है। डहरिया ने कहा कि जिस “V.B.G. RAM. G” का प्रचार भाजपा कर रही है, उसका भगवान राम से कोई संबंध नहीं है। इसका पूरा नाम “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन ग्रामीण” है। धार्मिक भावनाओं से जोड़कर इसे प्रस्तुत करना पूरी तरह भ्रामक है।
डहरिया ने कहा कि भगवान राम मर्यादा, सत्य और न्याय के प्रतीक हैं, लेकिन भाजपा उनकी आड़ में झूठ बोलकर जनता का ध्यान बेरोजगारी, महंगाई और ग्रामीण संकट जैसे वास्तविक मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आस्था का सम्मान करती है, लेकिन भगवान राम के नाम पर झूठी राजनीति को बेनकाब करना जरूरी है।
इसी कड़ी में आयोजित पत्रकारवार्ता में प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मोदी सरकार ने मनरेगा कानून में बदलाव कर गरीब मजदूरों से काम का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘सुधार’ के नाम पर लोकसभा में बिल पास कर दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना को खत्म करने की साजिश की गई है। मनरेगा, जो अब तक संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत अधिकार आधारित कानून था, उसे केंद्र नियंत्रित और सशर्त योजना में बदल दिया गया है।
शुक्ला ने कहा कि पहले हर ग्रामीण परिवार को न्यूनतम 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है। फसल कटाई के मौसम या फंड खत्म होने की स्थिति में मजदूरों को महीनों तक काम से वंचित रखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब मनरेगा के खर्च का बोझ राज्यों पर डाल रही है। पहले जहां 90 प्रतिशत राशि केंद्र देता था, अब 60:40 के अनुपात में खर्च तय किया गया है, जिससे भविष्य में मनरेगा के धीरे-धीरे बंद होने का खतरा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 100 से 125 दिन काम देने की घोषणा महज छलावा है। पिछले 11 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा के तहत औसतन केवल 38 दिन का ही रोजगार मिला है। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनने के बाद 70 प्रतिशत गांवों में अघोषित रूप से मनरेगा का काम बंद है।
पत्रकारवार्ता में मुख्य अतिथि शिवकुमार डहरिया रहे। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस अध्यक्ष ताराचंद पटेल, सारंगढ़ विधायक उत्तरी गणपत जांगड़ा, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक पदमा घनश्याम मनहर, पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण मालाकार, संजय दुबे नगर पालिका अध्यक्ष सोनी बंजारे, पुरुषोत्तम साहू, गोल्डी नायक, सरिता मल्होत्रा, सरिता मनोहर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा है और इसे कमजोर करने का हर प्रयास गरीब मजदूरों के खिलाफ है, जिसका कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर संसद तक पुरजोर विरोध करेगी।




