खैरगढ़ी में नुआखाई की धूम, गीत-संगीत के बीच महिलाओं ने किया भोजली विसर्जन! पढ़े पूरी खबर,,,,,

सारंगढ़-बिलाईगढ़।
नुआखाई पर्व की रौनक इस बार खैरगढ़ी गांव में कुछ खास दिखी। पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं जब भोजली विसर्जन यात्रा के लिए निकलीं तो पूरा गांव उत्सव की रंगत में रंग गया। डीजे की थाप पर झूमते-थिरकते कदम और गीत-संगीत की गूंज ने माहौल को उल्लास से भर दिया।

सुबह से ही महिलाओं ने भोजली को स्नेह और श्रद्धा से सजाया। हरे-भरे पौधों से सजी भोजली की झांकी फूलों और रंग-बिरंगे कपड़ों से अलंकृत की गई। दोपहर बाद गीत गाते और थाली सजाए महिलाएं समूह बनाकर बिसर्जन यात्रा पर निकलीं। गांव की गलियों से गुजरती यह यात्रा जहां-जहां पहुंची, वहां उत्साह की लहर दौड़ गई।

बुजुर्गों ने बताया कि भोजली सिर्फ धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की एकता, सहयोग और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। विसर्जन स्थल पर पहुंचकर महिलाओं ने भोजली को जल में प्रवाहित किया और गांव की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। इस दौरान सभी ने एक-दूसरे को नुआखाई की शुभकामनाएं दीं।
खैरगढ़ी में भोजली विसर्जन का यह दृश्य न केवल परंपरा की झलक दिखाता है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति की जीवंत तस्वीर भी पेश करता है।




