आईआईटी छात्र की संदिग्ध मौत ने खड़े किए कई सवाल, परिजनों ने दोस्तों पर हत्या की साजिश का लगाया आरोप, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़, राजस्थान के जोधपुर स्थित आईआईटी में अध्ययनरत 20 वर्षीय छात्र आशीष कुर्रे की महानदी में डूबने से हुई मौत का मामला अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। मृतक के पिता खडबदन कुर्रे, निवासी ग्राम देवरीमठ, थाना हसौद, जिला सक्ती ने सारंगढ़ थाना में लिखित आवेदन देकर अपने बेटे की मौत को संदिग्ध बताते हुए उसके दो दोस्तों पर हत्या की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार, आशीष कुर्रे आईआईटी जोधपुर में द्वितीय वर्ष का छात्र था और गर्मी की छुट्टियों में अपने घर आया हुआ था। 28 जून 2026 को उसके मित्र रविन्द्र कुमार भारद्वाज (ग्राम मालखरौदा) और सागर पटेल (ग्राम छपोरा) ने उसे घूमने के बहाने हसौद बुलाया। पिता ने स्वयं उसे सूर्या होटल तक छोड़ा, जहां तीनों ने नाश्ता किया और इसके बाद चंद्रपुर की ओर रवाना हो गए।
परिजनों का कहना है कि घर से निकलने से पहले आशीष को नदी में नहाने से मना किया गया था। उसने स्वयं कहा था कि उसे तैरना नहीं आता, इसलिए वह अतिरिक्त कपड़े भी साथ लेकर नहीं गया था। चंद्रपुर पहुंचने के बाद उसने अपनी बहन आंचल को फोन कर बताया कि वे लोग सुरक्षित पहुंच गए हैं और माता-पिता को इसकी जानकारी देने को कहा।
कुछ समय बाद रविन्द्र भारद्वाज के मोबाइल से आशीष की मां को फोन कर बताया गया कि आशीष नदी में नहाते समय अचानक लापता हो गया है और सभी को तत्काल चंद्रपुर पहुंचने के लिए कहा गया। जब तक परिजन वहां पहुंचे, पुलिस और प्रशासन ने काफी खोजबीन के बाद नदी में एक टापू से करीब 100 मीटर दूर तथा 6 से 7 फीट गहरे पानी से आशीष का शव बरामद किया।
परिजनों ने आवेदन में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि तीनों युवक उथले पानी में नहा रहे थे तो आशीष का शव इतनी दूर गहरे पानी में कैसे पहुंच गया। उनका आरोप है कि दोनों दोस्तों ने पहले से साजिश रचकर आशीष को गहरे पानी की ओर बुलाया और उसे डुबोकर मार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि घटना के संबंध में दोनों युवकों द्वारा अलग-अलग और विरोधाभासी जानकारी दी जा रही है, जिससे संदेह और गहरा हो गया है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आशीष के दोस्तों के बैग से फ्लुकोनाजोल 400 एमजी की टैबलेट मिली है, जिसे भी परिजन संदेह की दृष्टि से देख रहे हैं। उनका कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहन जांच किए बिना सच्चाई सामने नहीं आएगी।
मृतक के पिता ने थाना प्रभारी से मांग की है कि दोनों युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि हत्या की साजिश सामने आती है तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक बिलासपुर को भी भेजी गई है।
फिलहाल पुलिस को शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह महज हादसा था या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश थी।




