डीएपी के नाम पर किसानों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,

सरसीवां के गाड़ापाली गांव में संयुक्त टीम की कार्रवाई, किसानों से अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद खरीदने की अपील
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले में किसानों को डीएपी खाद के नाम पर कथित रूप से नकली उत्पाद बेचकर ठगी करने वाले गिरोह का कृषि विभाग और तहसील प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भंडाफोड़ किया है। सरसीवां थाना क्षेत्र के ग्राम गाड़ापाली में घेराबंदी कर पुलकित बायोफर्टीलाइजर प्रा. लि. से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ सरसीवां थाना में एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले दो से तीन वर्षों से सरसीवां क्षेत्र में रहकर सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय थे। आरोप है कि वे गांव-गांव जाकर अपने उत्पाद को डीएपी खाद बताकर किसानों को बेचते थे। किसानों को खरीद का बिल भी दिया जाता था, लेकिन बेचा जा रहा उत्पाद वास्तविक डीएपी नहीं था। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान के साथ खेती पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनसान स्थानों पर किराये के कमरों में ठहरते थे और लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे, ताकि उन पर किसी को संदेह न हो। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में उर्वरक का विक्रय केवल वैध अनुज्ञप्तिधारी एवं अधिकृत विक्रय केंद्रों के माध्यम से ही किया जा सकता है।
बताया गया कि गत वर्ष भी सरसीवां तहसील के ग्राम भिनोदा में इसी कंपनी का खाद मिला था, लेकिन उस समय विक्रेताओं तक कार्रवाई नहीं पहुंच सकी थी। इस बार कृषि विभाग और तहसील प्रशासन की सतर्कता तथा संयुक्त रणनीति के चलते आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने में सफलता मिली।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कृष्ण कुमार साहू, उर्वरक निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता, तहसीलदार मोहन साहू, कुलदीप नायक तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें, खरीद का पक्का बिल अवश्य लें और यदि कोई व्यक्ति गांव या शहर में डीएपी के नाम पर संदिग्ध खाद बेचते हुए मिले तो इसकी सूचना तत्काल कृषि विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें, ताकि ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।




