कलश यात्रा के साथ सलिहा में श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ का भव्य शुभारंभ, पढ़े पूरी खबर,,,,,

पं. अनिल शुक्ला ने भागवत महात्म्य का किया भावपूर्ण वर्णन, बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल
सारंगढ़ नईदुनिया प्रतिनिधि
बिलाईगढ़ समीपस्थ ग्राम सलिहा में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ का शुभारंभ रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर ग्राम सहित आसपास के क्षेत्रों से पहुंची श्रद्धालु महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर विधिवत यात्रा निकाली। कलश यात्रा ग्राम परिक्रमा करते हुए तालाब पहुंची, जहां वरुण देव का पूजन-अर्चन किया गया। इसके पश्चात पंडाल में पीठ पूजन संपन्न कर कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ।
कथा व्यास पीठ से सुप्रसिद्ध भागवत प्रवक्ता पं. अनिल शुक्ला (बसहा वाले) ने प्रथम दिवस के कथा सत्र में भागवत महात्म्य का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल जीवन को दिशा देने वाली ही नहीं, बल्कि मृत्यु के पश्चात भी जीव को मुक्ति प्रदान करने वाली दिव्य कथा है।
पं. शुक्ला ने कथा प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि भक्ति महारानी के दुःख निवारण हेतु नारद जी ने सनकादि ऋषियों के मुख से भागवत कथा का श्रवण किया, वहीं प्रेत बने धुंधुकारी की मुक्ति के लिए गोकर्ण जी द्वारा भागवत कथा का आयोजन कराया गया। कथा के इन प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
आयोजक देवांगन परिवार ने आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कथा श्रवण हेतु उपस्थित होने की अपील की है। आयोजकों द्वारा कथा अवधि में आगंतुक भक्तों के लिए विशाल भोजन भंडारे की भी व्यवस्था की गई है।




