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कुलगाम आतंकी हमले में सारंगढ़ जिला के भूपेंद्र भैना की मौत, छत्तीसगढ़ सरकार देगी 20 लाख की सहायता; कलेक्टर-एसपी ने परिजनों से मिल बंधाया ढांढस

जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी घोषित की 10 लाख की अनुग्रह राशि, कुलगाम प्रशासन देगा 6 लाख की तत्काल सहायता; गांव में पसरा मातम

सारंगढ़-बिलाईगढ़, 1 अगस्त। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा प्रवासी श्रमिकों पर किए गए कायराना हमले में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम छुईहा (धनसीर) निवासी 24 वर्षीय भूपेंद्र कुमार भैना की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में सक्ती जिले के दीपक रात्रे की भी जान चली गई। दोनों श्रमिक रोजी-रोटी की तलाश में जम्मू-कश्मीर गए थे, लेकिन आतंकियों की अंधाधुंध गोलीबारी का शिकार हो गए।

भूपेंद्र की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हर आंख नम है और गांव में मातम का माहौल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए इसे अमानवीय और कायराना आतंकी हमला बताया। उन्होंने कहा कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना मानवता के खिलाफ अपराध है और ऐसे कृत्यों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से मृतक भूपेंद्र भैना एवं दीपक रात्रे के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर सरकार से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं तथा एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने की बात कही है, जो पूरे मामले की निगरानी करेगा और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा।

कलेक्टर और एसपी पहुंचे मृतक के घर

शनिवार को कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा मृतक भूपेंद्र भैना के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। कलेक्टर ने मृतक की बहन को गले लगाकर ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।

इस दौरान बिलाईगढ़ एसडीएम प्रफुल रजक, तहसीलदार कमलेश सिदार, एसडीओपी सहित प्रशासन एवं पुलिस के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिजनों की समस्याएं सुनीं और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी की आर्थिक सहायता की घोषणा

घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा कुलगाम जिला प्रशासन द्वारा 6 लाख रुपये की तत्काल सहायता दी जाएगी, जिसमें से 2 लाख रुपये की प्रारंभिक सहायता पहले ही उपलब्ध करा दी गई है।

इलाके में सुरक्षा एजेंसियों का सर्च ऑपरेशन जारी

हमले के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। आतंकियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां हमले में शामिल आतंकवादियों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने अथवा मार गिराने के अभियान में जुटी हुई हैं।

चार साल पहले हुई थी शादी, तीन साल का बेटा छोड़ गए भूपेंद्र

भूपेंद्र कुमार भैना का विवाह लगभग चार वर्ष पहले हुआ था। परिवार में उनकी पत्नी, तीन वर्षीय पुत्र मानस, दादी शांति बाई, माता नागेश्वरी, पिता दशरथ, छोटी बहन अन्नू भैना तथा छोटा भाई अनुराग भैना हैं। परिवार का युवा सदस्य खोने से पूरे घर में मातम पसरा हुआ है। सबसे अधिक चिंता अब मासूम बेटे के भविष्य को लेकर जताई जा रही है, जिसने इतनी छोटी उम्र में अपने पिता का साया खो दिया।

गांव में गम, हर आंख नम

भूपेंद्र की मौत से ग्राम छुईहा (धनसीर) सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पेट पालने गए निर्दोष श्रमिकों को आतंकियों ने निशाना बनाकर मानवता को शर्मसार किया है। पूरे गांव में लोगों का तांता मृतक के घर लगा हुआ है और हर कोई शोकाकुल परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहा है।

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