सावन के पहले सोमवार पर तालेश्वर मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, जलाभिषेक के लिए सुबह से लगी रही भक्तों की कतार, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

आस्था का अद्भुत संगम: तालेश्वर मंदिर में जलाभिषेक, नाग दर्शन और गौ माता की उपस्थिति बनी आकर्षण का केंद्र
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़। जिला मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर दूर वार्ड क्रमांक 5 विशालपुर स्थित प्राचीन ताला मंदिर में विराजमान भगवान तालेश्वर भोलेनाथ के दरबार में सावन के पहले सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सुबह से ही भक्तों में गहरा उत्साह और श्रद्धा देखने को मिली। मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष से गूंजता रहा।
भोर से ही श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भक्तों ने भगवान भोलेनाथ का जल, बेलपत्र, धतूरा, कनेर के फूल तथा अन्य पूजन सामग्रियों से विधिवत पूजन-अर्चन कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। मंदिर में महिलाओं, पुरुषों, बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।

इस बार सावन के पहले सोमवार पर एक विशेष दृश्य भी देखने को मिला। एक श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर बाबा की कुटी से लगभग दो किलोमीटर तक हाथ में नारियल रख हाथ जोड़ते हुए दंडात्मक (करनापते हुए) तालेश्वर भोलेनाथ के मंदिर पहुंचा। श्रद्धालु ने बताया कि उसने भगवान भोलेनाथ से जो मन्नत मांगी थी, वह पूरी हो गई है। इसी आस्था और कृतज्ञता के भाव से उसने यह अनूठी श्रद्धा अर्पित की।

मंदिर परिसर में एक और अनोखा नजारा भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। एक गाय माता स्वयं मंदिर परिसर में पहुंचकर मानो भोलेनाथ के दरबार में नतमस्तक होती दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने इसे भी आस्था और शुभ संकेत के रूप में देखा।

वहीं एक सपेरे का छोटा बच्चा मंदिर की सीढ़ियों पर बैठकर नाग का दर्शन श्रद्धालुओं को करा रहा था। नाग को देखकर कई श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। पूछने पर बच्चे ने बताया कि नाग के विषैले दांत निकाल दिए गए हैं, इसलिए वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता। इसके बावजूद लोगों में नाग के प्रति श्रद्धा और उत्सुकता बनी रही।

सावन के पहले सोमवार पर मंदिर के एक ऐसे भक्त भी चर्चा का विषय बने, जिन्होंने वर्षों से तालेश्वर धाम के सौंदर्यीकरण और व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आशीष केसरवानी भी अन्य श्रद्धालुओं की तरह कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए बाबा के दर्शन करने पहुंचे। उनके इस व्यवहार ने यह संदेश दिया कि भगवान के दरबार में सभी श्रद्धालु समान हैं।
सारंगढ़ नगर सहित आसपास के गांवों और दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु तालेश्वर धाम पहुंचे। दिनभर मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं का मानना है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना पर तालेश्वर भोलेनाथ अवश्य कृपा बरसाते हैं, यही कारण है कि सावन के प्रत्येक सोमवार यहां आस्था का ऐसा जनसैलाब उमड़ता है।




