संजय भूषण पांडेय ने दीनदयाल योजना की राशि बांटी, सैकड़ों भूमिहीन किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

“भूमिहीनों का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता” — पांडेय | खातों में सीधे पहुंची सहायता राशि, सारंगढ़ में दिखा उत्साह
विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़।जनपद पंचायत सभागार सारंगढ़ में बुधवार को विकास और जनकल्याण का सशक्त नजारा देखने को मिला। पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत आयोजित भव्य समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडेय ने जिले के सैकड़ों भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में सीधे सहायता राशि का वितरण किया। राशि मिलने से लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलकती नजर आई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर संजय कन्नौजे ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत वर्मन, एसडीएम वर्षा बंसल, जनपद अध्यक्ष ममता ठाकुर, पूर्व विधायक केरा बाई सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। सभागार लाभार्थियों की भीड़ और उत्साह से भरा रहा।
मुख्य अतिथि संजय भूषण पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना राज्य सरकार की सबसे संवेदनशील और महत्वाकांक्षी पहल में से एक है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भूमिहीन किसानों और कृषि मजदूरों के सम्मान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ के सपने को साकार करने की दिशा में यह योजना मील का पत्थर है। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।”
पांडेय ने आगे कहा कि खेतों में दिन-रात मेहनत करने वाले मजदूर देश की कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन अक्सर वे संसाधनों और अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यह योजना उन्हें आर्थिक संबल देने के साथ आत्मविश्वास भी प्रदान करेगी।
कलेक्टर संजय कन्नौजे ने कहा कि प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों की पहचान और राशि वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। वहीं जिला पंचायत सीईओ इंद्रजीत वर्मन ने योजना की तकनीकी प्रक्रिया और चयन प्रणाली की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में सैकड़ों हितग्राहियों को स्वीकृति एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए। लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह सहायता उनके जीवन में नई उम्मीद लेकर आई है।
योजना एक नजर में
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना राज्य के उन परिवारों के लिए संचालित है, जो कृषि मजदूरी पर निर्भर हैं और जिनके पास स्वयं की भूमि नहीं है। खासतौर पर रबी सीजन में रोजगार की कमी को देखते हुए यह योजना उन्हें आर्थिक संबल प्रदान करती है।
उद्देश्य
भूमिहीन मजदूर परिवारों की आय में वृद्धि
आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान करना
शिक्षा और स्वास्थ्य स्तर में सुधार
पात्रता
राज्य का स्थायी निवासी
मुख्य आजीविका कृषि मजदूरी
भूमिहीन परिवार या वनोपज संग्राहक
पारंपरिक व्यवसायी (जैसे नाई, धोबी, बढ़ई, लोहार आदि)
वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम
आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
आवेदन प्रक्रिया
ग्राम पंचायत/जनपद/CMO कार्यालय में आवेदन
फॉर्म भरकर दस्तावेज संलग्न करना
तहसीलदार द्वारा सत्यापन
मिलने वाले लाभ
10,000 रुपए तक की आर्थिक सहायता
सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भुगतान
जिले में हितग्राही आंकड़े (2025-26)
सारंगढ़ – 8753
बरमकेला – 5035
बिलाईगढ़ – 658
भटगांव – 1267
सरिया – 3521
कुल हितग्राही: 19,234
कार्यक्रम में कामता जोलहे, अरुण गुड्डू यादव, भुवन मिश्रा, हरिहर जायसवाल, चिंताराम साहू, जय बनी, हरिशंकर निराला सहित बड़ी संख्या में भूमिहीन मजदूर उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल आर्थिक सहायता वितरण का मंच बना, बल्कि सरकार की संवेदनशील नीतियों का प्रभावी प्रदर्शन भी साबित हुआ।




