सारंगढ़ में साभर का शिकार: 5 किलो मांस व हथियार के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार, पढ़े पूरी खबर

रेगालमुड़ा जंगल में वन विभाग की दबिश, पोस्टमार्टम के बाद वन्यजीव का अंतिम संस्कार
विशालपुर नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले के रेगालमुड़ा गांव के जंगल में साभर (जंगली हिरण) के अवैध शिकार के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना पर की गई इस कार्रवाई में आरोपी शिकार किए गए वन्यजीव का मांस बांटने की तैयारी कर रहे थे।
वन अमले ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से करीब 5 किलो साभर का मांस, एक नग तंगिया, खरदा (धारदार औजार), तीन मोटरसाइकिल और एक टॉर्च बरामद की गई। प्रारंभिक पूछताछ में शिकार की पुष्टि होने के बाद जब घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई तो जंगल क्षेत्र से साभर के शेष अवशेष (बाकी बॉडी) भी बरामद किए गए।
वन विभाग द्वारा विधिवत पंचनामा कार्रवाई कर वन्यजीव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के उपरांत नियमानुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया।
वन अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस अधिनियम के तहत संरक्षित वन्यजीवों के शिकार पर कठोर कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है। मामले में अन्य संलिप्त लोगों की भी तलाश की जा रही है।
ये हैं आरोपी
- कैलाश पिता आसाराम, निवासी रेगालमुड़ा
- कौशल पिता आसाराम पटेल, निवासी रेगालमुड़ा
- ताराचंद पिता कैलाश पटेल, निवासी रेगालमुड़ा
- रामकुमार पिता भागीरथी पटेल, निवासी रेगालमुड़ा
- परसराम बरिहा पिता शोभाराम बरिहा, निवासी रेगालमुड़ा
- कार्तिकेश्वर सारथी पिता महेशराम सारथी, निवासी रेगालमुड़ा
वर्जन
विदेशी सिदार, रेंजर, वन विभाग सारंगढ़
विदेशी सिदार, रेंजर, सारंगढ़ ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा गया। उनके पास से लगभग 5 किलो साभर का मांस बरामद हुआ। साथ ही एक नग तंगिया, एक खरदा (धारदार हथियार), 3 मोटरसाइकिल एवं एक टॉर्च जब्त की गई।
उन्होंने कहा कि स्थल निरीक्षण के दौरान साभर का शेष शव भी बरामद हुआ, जिसका नियमानुसार पोस्टमार्टम कराया गया तथा बाद में अंतिम संस्कार किया गया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के वन्यजीव शिकार या अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि जैव विविधता और वन्य संपदा की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।




