सत्य, प्रेम और समानता का संदेश लेकर मनाया गया सद्गुरु कबीर साहेब का 629वाँ प्राकट्य उत्सव, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा पनिका समाज
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़ मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर दूर कॉलेज मोड़ स्थित बिजली सबस्टेशन के समीप कबीर आश्रम में पनिका समाज संघर्ष समिति के तत्वावधान में संत शिरोमणि सद्गुरु कबीर साहेब जी का 629वाँ प्राकट्य उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पनिका समाज के महिला-पुरुष, युवा, बच्चे, बुजुर्ग एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित होकर सद्गुरु कबीर साहेब के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित की।

कार्यक्रम का शुभारंभ कबीर साहेब की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर, नारियल चढ़ाकर, अगरबत्ती एवं दीप प्रज्वलित कर तथा आरती के साथ किया गया। पूरे आश्रम परिसर में कबीर वाणी, भजन और सत्संग की मधुर ध्वनि गूंजती रही, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संत कबीर के बताए सत्य, प्रेम, समानता और मानवता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर साहेब ने समाज से जाति-पांति, ऊंच-नीच, अंधविश्वास और पाखंड को समाप्त कर मानवता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहे हैं। समाज के लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलकर आपसी एकता, शिक्षा और सामाजिक उत्थान का संकल्प लिया।
कबीर साहेब के अमर दोहों का भी वाचन किया गया—
“बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय।
जो मन खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय।।”
“पोथी पढ़ि पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।।”
समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया तथा समाज की सुख-समृद्धि, एकता और विश्व कल्याण की मंगलकामना की।
पनिका समाज संघर्ष समिति ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, समाजजनों एवं श्रद्धालुओं का हार्दिक नंदन-वंदन एवं अभिनंदन करते हुए उनके सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।




