धान खरीदी में 99 लाख से अधिक की गड़बड़ी का खुलासा: समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार , पढ़े पूरी खबर,,,,,,

बिना धान आवक के किसानों के नाम पर फर्जी ऑनलाइन एंट्री कर राशि गबन करने का आरोप, जांच में सामने आई बड़ी अनियमितता
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले के बरमकेला क्षेत्र अंतर्गत धान उपार्जन केन्द्र साल्हेओना में धान खरीदी के नाम पर करीब 99 लाख रुपये से अधिक के कथित गबन का मामला सामने आया है। मामले में सरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सहायक खाद्य अधिकारी बरमकेला विद्यानंद पटेल की लिखित शिकायत पर थाना सरिया में अपराध क्रमांक 101/2026 दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन केन्द्र साल्हेओना (पंजीयन क्रमांक 245) में धान खरीदी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन द्वारा जांच दल गठित किया गया था।
जांच दल ने 20 अप्रैल 2026 को उपार्जन केन्द्र का भौतिक सत्यापन किया। जांच में केन्द्र पर 3140.80 क्विंटल धान की कमी पाई गई जिसकी अनुमानित कीमत 97.36 लाख रुपये आंकी गई। इसके साथ ही 2045 नग नए जूट बारदानों की भी कमी मिली, जिनकी कीमत करीब 1.75 लाख रुपये बताई गई। कुल मिलाकर 99.12 लाख रुपये से अधिक की अनियमितता सामने आई।
जांच के दौरान यह आरोप सामने आया कि समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर ने किसानों के नाम पर बिना वास्तविक धान आवक के फर्जी तरीके से टोकन जारी किए, तौल प्रक्रिया दर्शाई और बॉयोमैट्रिक डिवाइस तथा आईरिश स्कैनर के माध्यम से ऑनलाइन धान खरीदी की एंट्री कर दी। इससे शासन और समिति को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया।
विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तौल संबंधी दस्तावेज, मोबाइल, दो कम्प्यूटर सिस्टम, बॉयोमैट्रिक डिवाइस और आईरिश स्कैनर जब्त किए। साथ ही उपार्जन केन्द्र से जुड़े दस्तावेज और पंजी भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए।
पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल (56) निवासी कटंगपाली ‘अ’ तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल (48) निवासी बरमकेला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक एन.एल. राठिया सहित पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




