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जिला चिकित्सालय में कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर, 135 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, पढ़े पूरी खबर,,,,,

44 बच्चे अति गंभीर कुपोषित (SAM) और 83 मध्यम कुपोषित (MAM) मिले, गंभीर बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन

सारंगढ़। कुपोषण की समस्या से जूझ रहे बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में कुल 135 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 44 बच्चे अति गंभीर कुपोषित (SAM) तथा 83 बच्चे मध्यम कुपोषित (MAM) पाए गए, जबकि 8 बच्चे सामान्य पोषण स्तर के मिले। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को बेहतर उपचार एवं पोषण प्रबंधन के लिए पोषण एवं पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शिविर का आयोजन रेड क्रॉस सोसायटी, जिला चिकित्सालय सिविल सर्जन डॉक्टर दीपक जायसवाल एवं महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। शिविर का शुभारंभ रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, जनप्रतिनिधि नंदकिशोर अग्रवाल,  एवं ज्योति पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। अतिथियों ने बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि कुपोषण को दूर करना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज और परिवार की भी सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की बच्चों की जांच

शिविर में आरएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार रात्रे के निर्देशन में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. भारती पटेल, चिकित्सा अधिकारी डॉ. हितेश निराला सहित जिला चिकित्सालय की प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीम ने बच्चों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकों ने बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण स्तर तथा आवश्यक उपचार की स्थिति का आकलन किया। जांच के उपरांत जरूरत के अनुसार बच्चों को निःशुल्क दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आए 44 अति गंभीर कुपोषित बच्चों को विशेष निगरानी और पोषण उपचार की आवश्यकता को देखते हुए एनआरसी में भर्ती कराने के लिए चिन्हित किया गया। वहीं मध्यम कुपोषित बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के लिए उनके अभिभावकों को आवश्यक सलाह और मार्गदर्शन दिया गया।

पोषण, स्वच्छता और खान-पान के प्रति किया जागरूक

शिविर में पहुंचे बच्चों एवं उनके परिजनों के लिए रेड क्रॉस सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क पौष्टिक स्वल्पाहार की व्यवस्था की गई। इस दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने अभिभावकों को बच्चों के संतुलित खान-पान, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा पोषणयुक्त आहार के महत्व की जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार, पौष्टिक आहार और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से उनके स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से ऐसे विशेष शिविरों के माध्यम से बच्चों की स्क्रीनिंग कर गंभीर मामलों को एनआरसी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

कुपोषण के खिलाफ सामूहिक प्रयास जरूरी

शिविर के माध्यम से प्रशासन ने यह संदेश दिया कि बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर स्वस्थ और सुपोषित बनाना शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, रेड क्रॉस सोसायटी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा अभिभावकों के समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। विशेष स्वास्थ्य शिविर में चिन्हित बच्चों की आगे भी नियमित निगरानी और आवश्यकतानुसार उपचार सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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