राजस्व मंत्री को की गई शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, पटवारी बद्रीप्रसाद साहू निलंबित, पढ़े पूरी खबर,,,,,

सुशासन तिहार में दिए गए आवेदन और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत के बाद हुई कार्रवाई, भूमि बटांकन में अनियमितता पाई गई
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन 🖊️🖊️🖊️🖊️
सारंगढ़-बिलाईगढ़, जिले के ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को सौंपे गए आवेदन तथा कलेक्टर कार्यालय सारंगढ़ में की गई शिकायत पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पटवारी बद्रीप्रसाद साहू को निलंबित कर दिया है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जांच और स्पष्टीकरण के बाद यह कार्रवाई की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी बद्रीप्रसाद साहू तत्कालीन हल्का पटवारी क्रमांक 09, तहसील सरसींवा के रूप में पदस्थ थे। शिकायत मिलने के बाद उन्हें कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था। पटवारी द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की गई।
जांच में पाया गया कि ग्राम झुमका स्थित भूमि के मूल खसरा नंबर 246 का बटांकन मूल चालू नक्शे तथा ऑनलाइन भू-नक्शे में दर्ज नहीं था। इसके बावजूद मौके पर वास्तविक जांच एवं भूमि नाप किए बिना भू-नक्शा पोर्टल में खसरा नंबर 246 का तीन हिस्सों—246/1, 246/2 एवं 246/3—में बटांकन कर दिया गया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि रकबा एवं कब्जे की वास्तविक स्थिति के अनुरूप बटांकन नहीं किया गया तथा खसरा नंबर 246/1 के विक्रय के लिए चतुर्सीमा संबंधी दस्तावेज भी विक्रेता को जारी कर दिए गए।
प्रशासनिक जांच में यह अनियमितता सामने आने के बाद संबंधित काश्तकारों के बीच भूमि को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। मामले को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने इसे शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनियमितता की श्रेणी में माना।
आदेश में कहा गया है कि पटवारी का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत पाया गया है, जो कदाचार की श्रेणी में आता है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान बद्रीप्रसाद साहू का मुख्यालय तहसील कार्यालय बिलाईगढ़ निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
गौरतलब है कि सुशासन तिहार के दौरान ग्रामीणों द्वारा उठाई गई शिकायत पर त्वरित जांच और कार्रवाई से प्रशासनिक जवाबदेही का संदेश गया है। भूमि अभिलेखों और बटांकन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता तथा नियमों के पालन को लेकर जिला प्रशासन की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।




