विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में वृहद पौधारोपण: हरियाली और स्वास्थ्य संरक्षण का संदेश,पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,

सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में स्टाफ ने लिया पौधों की देखभाल का संकल्प
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़।
बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी गंभीर चुनौतियों के बीच विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में आज एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और अस्पताल परिसर को अधिक स्वच्छ, हरित एवं स्वास्थ्यवर्धक बनाना रहा।
यह गरिमामयी कार्यक्रम जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें चिकित्सालय के समस्त अधिकारी, चिकित्सक एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
परिसर में रोपे गए विविध प्रजातियों के पौधे
कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर को हराभरा बनाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया गया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- फलदार पौधे, जो भविष्य में पोषण और हरियाली प्रदान करेंगे
- छायादार वृक्ष, जो मरीजों एवं परिजनों को गर्मी से राहत और शीतलता देंगे
- औषधीय (हर्बल) पौधे, जो आयुर्वेदिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं
- सजावटी पौधे, जो परिसर की सुंदरता को बढ़ाएंगे
इन पौधों के माध्यम से अस्पताल परिसर को न केवल पर्यावरणीय रूप से संतुलित बनाने का प्रयास किया गया, बल्कि एक सकारात्मक और उपचारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
पौधों की देखभाल का लिया सामूहिक संकल्प
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण पहल के रूप में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। इस पहल को केवल औपचारिकता न मानते हुए एक सतत जिम्मेदारी के रूप में अपनाने पर बल दिया गया।
“पर्यावरण और स्वास्थ्य का गहरा संबंध है” – डॉ. दीपक जायसवाल
इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए विश्व पर्यावरण दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य का सीधा संबंध है और स्वच्छ वातावरण ही स्वस्थ समाज की नींव है।
उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना जितना आसान है, उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित रखना उतना ही महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य है। प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए और उसे संरक्षित करने का संकल्प लेना चाहिए।
विश्व पर्यावरण दिवस का महत्व
उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 1972 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
यह दिवस हमें यह संदेश देता है कि प्रकृति का संरक्षण केवल सरकार या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।
स्वास्थ्य पर हरियाली का सकारात्मक प्रभाव
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार हरित वातावरण मानसिक तनाव को कम करने, शुद्ध वायु प्रदान करने और श्वसन संबंधी बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी दृष्टि से जिला चिकित्सालय परिसर में किया गया यह पौधारोपण कार्यक्रम मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक सकारात्मक और स्वास्थ्यवर्धक वातावरण तैयार करेगा।
समापन में दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के अंत में सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए इस अभियान को निरंतर जारी रखने की अपील की।
यह आयोजन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।




