अखिल भारतीय रामनामी बड़े भजन मेला: साराडीह मुड़पार में तीन दिवसीय भक्ति महोत्सव,पढ़े पूरी खबर,,,

30 दिसंबर से 1 जनवरी तक गूंजेगा रामनाम, 31 जनवरी को मुख्यमंत्री सहित शीर्ष नेता होंगे शामिल
सारंगढ़-बिलाईगढ़।अखिल भारतीय रामनामी बड़े भजन मेला का वार्षिक आयोजन इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक उल्लास के साथ ग्राम साराडीह, मुड़पार (छोटे), विकासखंड सारंगढ़ में किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय भव्य आयोजन 30 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें प्रदेशभर से रामनामी एवं सतनामी समाज एवं समस्त समाज,श्रद्धालु, संत-महात्मा, भजन मंडलियां और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

रामनाम की गूंज से भक्तिमय होगा क्षेत्र
मेले के दौरान निरंतर रामनाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न हिस्सों से आई भजन मंडलियां अपनी प्रस्तुतियों से पूरे क्षेत्र को भक्तिरस में सराबोर करेंगी। रामनामी समाज की परंपरा के अनुरूप यह मेला सादगी, अनुशासन, समानता और सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश देगा।

31 जनवरी को विशेष कार्यक्रम, प्रदेश के दिग्गज रहेंगे मौजूद
मेले का मुख्य आकर्षण 1 जनवरी 2026 को आयोजित विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा वित्त मंत्री ओपी चौधरी, सांसद राधेश्याम राठिया की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के विधायक कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।
श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम

आयोजन समिति एवं ग्रामवासियों द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु आवास, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता और सुरक्षा की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। प्रशासन के सहयोग से यातायात और कानून-व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
धार्मिक के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक समागम

यह मेला केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव भी है। मेला स्थल पर झूले, मौत का कुआं, जादूगर, टॉकीज, खिलौने और खान-पान की दुकानों से ग्रामीण मेले की पारंपरिक रौनक देखने को मिलेगी। हर पंडाल में रामनाम की महिमा बिखरी होगी और श्रद्धालु अपने शरीर पर राम का नाम अंकित कराते नजर आएंगे।
‘भजन विवाह’ बना विशेष आकर्षण
मेले की एक अनूठी परंपरा ‘भजन विवाह’ है, जहां दूर-दराज से आए सतनामी समाज के लोग भजन-कीर्तन के बीच अपने बच्चों के लिए रिश्ते तय कर विवाह संपन्न कराते हैं। यह परंपरा मेले को सामाजिक मिलन का भी महत्वपूर्ण मंच बनाती है।
रामनाम का अद्भुत महात्म्य
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मेले में चारों ओर रामनाम की गूंज के कारण यहां मक्खी तक नहीं दिखाई देती, जिसे रामनाम के महात्म्य का प्रतीक माना जाता है। भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर श्रद्धालु पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
“राम नाम की ज्योति जले, मन हो निर्मल धाम।
प्रेम, करुणा, सत्य से, सजे समाज महान॥”

आयोजन समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र टंडन, उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार निषाद एवं सह-अध्यक्ष दीपक महिलाने एवं समस्त समिति के सदस्य ने सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन में सहभागी बनकर इसे सफल बनाने की अपील की है।




