पांच माह में 50 सफल सिजेरियन प्रसव, जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने रचा नया कीर्तिमान, पढ़े पूरी खबर,,,,,,

जटिल प्रसव के लिए अब बड़े शहरों और निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं, जिला अस्पताल में मिल रही निःशुल्क आधुनिक सुविधा
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन और सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में मिली बड़ी सफलता, सभी जच्चा-बच्चा स्वस्थ
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय सारंगढ़ ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में सिजेरियन प्रसव (एलएससीएस) की सुविधा प्रारंभ होने के महज पांच माह के भीतर 50 सफल ऑपरेशन संपन्न किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि न केवल जिला चिकित्सालय की चिकित्सा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है, बल्कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं के लिए बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता का भी प्रमाण है। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन एवं सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल के नेतृत्व में जिला चिकित्सालय ने यह उपलब्धि हासिल की है।
जून 2026 में जिला चिकित्सालय में सिजेरियन प्रसव की सुविधा प्रारंभ की गई थी। इसके बाद से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार जटिल प्रसव के मामलों को सफलतापूर्वक संभाल रही है। पांच माह के भीतर 50 सिजेरियन प्रसव होना अस्पताल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। खास बात यह है कि पहले जिन गर्भवती महिलाओं को जटिल प्रसव की स्थिति में रायगढ़, बिलासपुर अथवा अन्य बड़े शहरों के अस्पतालों में रेफर होना पड़ता था, उन्हें अब जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है। इससे महिलाओं और उनके परिजनों को लंबी दूरी की परेशानी, समय की बर्बादी और निजी अस्पतालों में होने वाले आर्थिक खर्च से राहत मिल रही है।
छोटे और नवोदित जिले के लिए यह उपलब्धि स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिला चिकित्सालय में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता से जटिल प्रसव के मामलों में स्थानीय स्तर पर उपचार संभव हो रहा है। पांच माह में 50 सफल सिजेरियन प्रसव इस बात का संकेत है कि जिला अस्पताल की सेवाओं के प्रति आम नागरिकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
इस उपलब्धि के पीछे आरएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार रात्रे का समन्वय और विशेषज्ञ चिकित्सा टीम का समर्पित प्रयास रहा है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रानू मनहर, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. कुन्ती नायक एवं सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. राकेश साहू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं नर्सिंग स्टाफ राखी घोष, फरहा जांगड़े, उर्वशी सिदार, ओटी तकनीशियन तूलाराम भारद्वाज, ओटी अटेंडेंट विजेशंकर सहित समस्त नर्सिंग एवं सहायक कर्मचारियों का योगदान रहा। चिकित्सकों और कर्मचारियों के आपसी समन्वय से सभी ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए।
सिविल सर्जन डॉ. दीपक जायसवाल ने बताया कि जिला चिकित्सालय में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। जून 2026 में सिजेरियन प्रसव की सुविधा शुरू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य यही था कि आपातकालीन और जटिल प्रसव की स्थिति में किसी भी गर्भवती महिला को उपचार के लिए दूर-दराज के शहरों में भटकना न पड़े। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सके। उन्होंने बताया कि स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, सर्जन और प्रशिक्षित ओटी स्टाफ की टीम निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार प्रत्येक मामले को गंभीरता से संभाल रही है। अब तक 50 सिजेरियन प्रसव सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं तथा सभी जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं। यह पूरी टीम के लिए सबसे बड़ी संतुष्टि और उपलब्धि है।
उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गर्भवती महिलाएं सुरक्षित मातृत्व के लिए संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता दें। जिला चिकित्सालय में 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं, आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, पैथोलॉजी जांच और निःशुल्क दवाइयों की सुविधा उपलब्ध है। किसी भी प्रकार की जटिलता या आपातकालीन स्थिति में प्रशिक्षित चिकित्सकों से परामर्श लें। अंधविश्वास और झोलाछाप चिकित्सकों के चक्कर में पड़कर मां और बच्चे की जान जोखिम में न डालें। अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में आर्थिक बोझ उठाने के बजाय शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाएं।
जिला चिकित्सालय में पांच माह के भीतर 50 सफल सिजेरियन प्रसव की उपलब्धि से जिले में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिली है। जिला प्रशासन ने इस सफलता पर चिकित्सकों एवं समस्त अस्पताल स्टाफ को बधाई देते हुए भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। निश्चित रूप से यह उपलब्धि सारंगढ़ जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ाने वाली साबित होगी।




