Letest Newsछत्तीसगढ़सारंगढ़-बिलाईगढ़

आमाकोनी बांध की नहरों में उगी झाड़ियां, आखिर खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा? सहंसपुर से विशालपुर तक नहरों में झाड़ियों का साम्राज्य, सफाई का इंतजार कर रहे किसान, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,

किसानों की बढ़ी चिंता, वर्षों से सफाई नहीं होने का आरोप; जल संसाधन विभाग ने एस्टीमेट भेजने की कही बात

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन

सारंगढ़ | नईदुनिया प्रतिनिधि। जिला मुख्यालय सारंगढ़ से महज 4 से 5 किलोमीटर दूर स्थित आमाकोनी बांध, जिसे पुटका जलाशय के नाम से भी जाना जाता है, क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख साधन है। लेकिन बांध से निकलने वाली नहरों की बदहाली किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। नहर में जगह-जगह घास और झाड़ियां उग आने से किसानों को खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचने की चिंता सता रही है। किसानों का आरोप है कि लंबे समय से नहर की साफ-सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नहर की हालत जंगल जैसी हो गई है, तो पानी खेतों तक आखिर कैसे पहुंचेगा?

आमाकोनी बांध से निकलने वाली मुख्य नहर चिंगरीपाली की ओर जाती है, जबकि बिरसिंहडीह की ओर से निकलने वाली छोटी नहर सहंसपुर, भंवरपुर, चवंरपुर, विजयपुर, विशालपुर और झारपाली सहित आसपास के क्षेत्रों की ओर जाती है। इन नहरों के माध्यम से किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन नहर में उगी घनी घास और झाड़ियों के कारण पानी के बहाव को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है।

विशालपुर मेन रोड से नहर के रास्ते आगे बढ़ने पर इसकी स्थिति साफ नजर आती है। नहर के भीतर घास और झाड़ियां इतनी अधिक उग आई हैं कि कई जगह नहर का स्वरूप ही जंगल जैसा दिखाई देने लगा है। किसानों का कहना है कि नहर की नियमित सफाई नहीं होने से ऐसी स्थिति बनी है। यदि समय पर सफाई कराई जाती, तो नहर की यह दुर्दशा नहीं होती और पानी का प्रवाह भी बेहतर बना रहता।

किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचने की है। नहर के शुरुआती हिस्से में पानी उपलब्ध होने के बावजूद यदि बीच में घास, झाड़ियां और अन्य अवरोध बने रहें, तो निचले हिस्से के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में उन किसानों की परेशानी बढ़ जाती है, जो सिंचाई के लिए पूरी तरह नहर पर निर्भर हैं।

धान की खेती किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार है। फसल को समय पर पर्याप्त पानी नहीं मिलने से धान की बढ़वार और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है। यदि सिंचाई के अभाव में फसल खराब होती है या पैदावार कम होती है, तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। खेती में पहले ही खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि कार्यों पर खर्च करना पड़ता है। ऐसे में फसल का उत्पादन प्रभावित होने पर किसानों के सामने कर्ज चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने का संकट भी खड़ा हो सकता है।

किसानों का कहना है कि जब खेती ही उनकी मुख्य आजीविका है, तो सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त रखना संबंधित विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। नहर की सफाई समय पर नहीं होने का खामियाजा आखिरकार किसानों को क्यों भुगतना पड़े? किसानों ने जल संसाधन विभाग से मांग की है कि आमकोनी बांध से निकलने वाली नहरों की जल्द से जल्द साफ-सफाई कराई जाए, ताकि पानी का प्रवाह सुचारु हो और अंतिम छोर पर स्थित खेतों तक भी पर्याप्त पानी पहुंच सके।

एस्टीमेट भेजा गया है, स्वीकृति मिलते ही होगी सफाई

नहर की बदहाल स्थिति और सफाई के संबंध में जब जल संसाधन विभाग के एसडीओ से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि नहर की साफ-सफाई के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद साफ-सफाई का कार्य कराया जाएगा। विभाग के इस जवाब के बाद अब किसानों की निगाहें एस्टीमेट की स्वीकृति और सफाई कार्य शुरू होने पर टिकी हैं। हालांकि, किसानों की चिंता यह है कि जब तक नहर की सफाई नहीं होगी, तब तक पानी के सुचारु प्रवाह की समस्या बनी रह सकती है।

अब सवाल यह है कि किसानों की इस परेशानी का समाधान कब होगा? क्या विभाग समय रहते नहर की सफाई कराकर किसानों को राहत देगा, या फिर किसान अपनी फसल और सिंचाई की चिंता में ही उलझे रहेंगे? खेती के महत्वपूर्ण समय में नहरों की सफाई और सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करना जरूरी है, ताकि किसानों की मेहनत पर पानी न फिर जाए।

आमाकोनी बांध की नहर की बदहाली और किसानों की समस्या को लेकर आगे भी पड़ताल जारी रहेगी। खबर के अगले भाग में नहर की स्थिति और जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली से जुड़े अन्य पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।

वर्जन

नहर की साफ-सफाई के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही नहर की साफ-सफाई का कार्य कराया जाएगा।
एसडीओ, जल संसाधन विभाग

Related Articles

Back to top button
ब्रेकिंग न्यूज़
आमाकोनी बांध की नहरों में उगी झाड़ियां, आखिर खेतों तक पानी कैसे पहुंचेगा? सहंसपुर से विशालपुर तक नहरों में झाड़ियों का साम्राज्य, सफाई का इंतजार कर रह... टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों का सम्मान, संजय भूषण पांडे ने लिया जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प, पढ़े पूरी खबर,,,,,, सेवा संकल्प अभियान में पुलिस ने बस स्टैंड पर चलाया यातायात जागरूकता अभियान, 100 हेलमेट बांटे संकल्प अभियान की भाषण प्रतियोगिता में आराध्या ने रचा इतिहास, ब्लॉक के बाद जिला स्तर पर भी हासिल किया प्रथम स्थान, पढ़े पूरी खबर,,,,,,, शिक्षा के नए सूर्योदय की ओर सारंगढ़-बिलाईगढ़, डायट कॉलेज युवाओं के स्वर्णिम भविष्य का आधार : संजय भूषण पांडे, पढ़े पूरी खबर,,,,,,,,