दानसरा में मनाया गया स्तनपान सप्ताह, माताओं को शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए दी गई जरूरी जानकारी, पढ़े पूरी खबर,,,,,

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़, ग्राम दानसरा में मंगलवार को स्तनपान सप्ताह के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित माताओं को नवजात एवं छोटे बच्चों के लिए मां के दूध के महत्व की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग, मितानिन कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की सहभागिता से आयोजित कार्यक्रम में माताओं को बच्चों को सही तरीके से स्तनपान कराने के साथ ही स्तनपान से जुड़ी विभिन्न सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान माताओं को बताया गया कि जन्म के बाद पहले छह माह तक बच्चे को केवल मां का दूध ही देना चाहिए। इस अवधि में मां के दूध के अलावा बच्चे को पानी तक नहीं देना चाहिए। नवजात शिशु को बाहरी चीजें अथवा जन्म घुट्टी देने से भी बचना चाहिए। मां का दूध बच्चे के लिए संपूर्ण आहार होने के साथ-साथ उसके शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
माताओं को स्तनपान कराने की सही प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि एक बार में बच्चे को एक स्तन का दूध अच्छी तरह पिलाने के बाद ही दूसरे स्तन से दूध पिलाना चाहिए। बच्चे को सही लगाव के साथ स्तनपान कराने पर उसे पर्याप्त दूध मिलता है और मां को भी स्तनपान कराने में परेशानी कम होती है। इसके साथ ही स्तनपान के बाद बच्चे को हल्की थपकी देकर डकार दिलाने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में कामकाजी माताओं को विशेष जानकारी देते हुए बताया गया कि यदि मां किसी कारण से बच्चे के पास मौजूद नहीं रह पाती है तो वह अपना दूध निकालकर सुरक्षित रख सकती है, जिसे परिवार के अन्य सदस्य निर्धारित समय पर बच्चे को पिला सकते हैं। इससे मां के काम पर जाने के बावजूद बच्चे को मां के दूध से वंचित नहीं होना पड़ेगा।
स्तनपान सप्ताह के दौरान माताओं और ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि बच्चे के लिए मां का दूध पोषण के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाव में भी सहायक होता है। इसलिए बच्चों को शुरुआती छह माह तक केवल स्तनपान कराने और इसके बाद उम्र के अनुसार पूरक आहार शुरू करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मितानिन कार्यक्रम से जुड़ी मितानिन, मितानिन जिला समन्वयक, स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर, आरएचओ, एमपीडब्ल्यू सहित ग्रामीणों की सहभागिता रही। जागरूकता कार्यक्रम में माताओं एवं ग्रामीणों की अच्छी उपस्थिति रही। उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों ने स्तनपान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने और हर मां तक सही जानकारी पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।




