सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने जिला अस्पताल की अपील, पटाखों के धुएं से बच्चों और बुजुर्गों को खतरा, पढ़े पुरी खबर,,

सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक जायसवाल ने नागरिकों से की विशेष अपील, पटाखों से बचने और हरित दीपावली मनाने का दिया संदेश
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़,दीपावली खुशियों, उमंग, उत्साह और आपसी सौहार्द का पर्व है। इस पावन अवसर पर हर घर में खुशियां और समृद्धि आए, इसके साथ ही समाज के प्रत्येक व्यक्ति का स्वास्थ्य और सुरक्षा भी बनी रहे। इसी उद्देश्य से जिला चिकित्सालय सारंगढ़ के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. दीपक जायसवाल ने जिलेवासियों से सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों से पटाखों के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा दीपों की रोशनी, प्रेम, सद्भाव और खुशियों के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया है।

डॉ. जायसवाल ने कहा कि दीपावली के दौरान बड़ी संख्या में पटाखे जलाए जाते हैं, जिससे वातावरण में धुआं, जहरीली गैसें और सूक्ष्म हानिकारक कण फैलते हैं। इससे वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा अस्थमा और हृदय रोग से पीड़ित व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। कई बार पटाखों से निकलने वाला धुआं सांस लेने में परेशानी, खांसी, आंखों में जलन और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ा सकता है। वहीं तेज आवाज वाले पटाखों से बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार व्यक्तियों को परेशानी होती है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि जहां तक संभव हो पटाखों का उपयोग न करें और हरित एवं पर्यावरण अनुकूल दीपावली मनाएं। यदि कोई व्यक्ति पटाखे जलाता है तो निर्धारित एवं खुले स्थान पर बड़ों की निगरानी में ही पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय बच्चों को अकेला न छोड़ें तथा सुरक्षित दूरी बनाए रखें। पटाखे जलाने के दौरान पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी अवश्य रखें। जले हुए पटाखों को दोबारा जलाने का प्रयास बिल्कुल न करें, क्योंकि इससे दुर्घटना होने की आशंका रहती है।
डॉ. जायसवाल ने पटाखे जलाते समय सूती एवं सुरक्षित कपड़े पहनने की सलाह दी है। ढीले और सिंथेटिक कपड़ों से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें आग तेजी से पकड़ सकती है। पटाखों से जलने या आंखों में चोट लगने की स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, बल्कि तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र अथवा जिला चिकित्सालय पहुंचकर उपचार कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि त्योहार की वास्तविक खुशी दूसरों की सुरक्षा और खुशियों में है। कुछ पल की आतिशबाजी से मिलने वाली चमक के कारण लंबे समय तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी पैदा हो सकती है। इसलिए सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझते हुए प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने में सहयोग करें।
डॉ. जायसवाल ने जिले के समस्त नागरिकों को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आइए, इस बार धुएं और शोर के बजाय प्रेम, सद्भाव, स्वच्छता और खुशियों के दीप जलाएं। सुरक्षित दीपावली का संकल्प लेकर स्वयं भी स्वस्थ रहें और अपने परिवार, पड़ोस तथा समाज को भी सुरक्षित रखें।




