पांच साल बाद भी अपडेट नहीं हुआ नजूल रिकॉर्ड, सरकारी योजनाओं से वंचित हो रहे नागरिक, पढ़े पूरी खबर,,,,,

विधायक उत्तरी जांगड़े ने विधानसभा में उठाया था मामला, ड्रोन और स्पॉट सर्वे के बाद भी नहीं निकला समाधान; नामांतरण, फौती दुरुस्ती और रजिस्ट्री के लिए भटक रहे लोग
विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन
सारंगढ़ | सारंगढ़ के शहरी क्षेत्र में नजूल रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने की समस्या पिछले पांच वर्षों से बनी हुई है। इसके कारण शहर के अनेक नागरिकों को न केवल जमीन संबंधी कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर समस्या को लेकर विधानसभा में मामला उठाया गया, सिंगल प्रोजेक्ट स्वीकृत हुआ और भूमि अभिलेख विभाग द्वारा ड्रोन सर्वे एवं स्पॉट सर्वे भी कराया गया, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
नजूल रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से शहर के कई परिवारों के भूमि संबंधी काम अटके हुए हैं। नागरिकों को नामांतरण, फौती दुरुस्ती और रजिस्ट्री जैसे जरूरी कार्यों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। जमीन के दस्तावेजों में आवश्यक सुधार नहीं हो पाने के कारण कई लोगों के लिए शासकीय योजनाओं का लाभ लेना भी मुश्किल हो गया है। लोगों को उम्मीद थी कि सर्वे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिकॉर्ड दुरुस्त कर दिए जाएंगे और वर्षों से चली आ रही परेशानी दूर होगी, लेकिन अब तक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक उत्तरी जांगड़े ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया था। इसके बाद सारंगढ़ के लिए सिंगल प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया। आयुक्त भूमि अभिलेख के माध्यम से शहर में ड्रोन सर्वे और स्पॉट सर्वे भी कराया गया। सर्वे की कार्रवाई पूरी होने के बाद नागरिकों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही नजूल रिकॉर्ड अपडेट होंगे और जमीन संबंधी कामकाज सुचारु रूप से शुरू हो सकेगा। हालांकि, सर्वे के बाद भी रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने से लोगों की परेशानी बरकरार है।
जिला भाजपा उपाध्यक्ष मनोज जायसवाल ने भी इस मामले की गंभीरता से मंत्रियों और कलेक्टर को अवगत कराया था। इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जब इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों ने शासन और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, विधानसभा में मामला उठा और सर्वे तक कराया गया, तो फिर रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया अब तक पूरी क्यों नहीं हो सकी, यह सवाल नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
बताया जाता है कि सारंगढ़ में पुराने नजूल रिकॉर्ड और नजूल शीट का व्यवस्थित रूप से तैयार नहीं होना इस समस्या का प्रमुख कारण है। पूर्व में तत्कालीन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा नजूल शीट तैयार नहीं किए जाने का खामियाजा आज शहर के नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। पुराने रिकॉर्ड की कमी के कारण भूमि संबंधी दस्तावेजों का मिलान और आवश्यक सुधार करने में दिक्कतें सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्हें अपनी जमीन के दस्तावेज दुरुस्त कराने, नामांतरण कराने या अन्य शासकीय प्रक्रियाएं पूरी करने की जरूरत है।
सारंगढ़ के नागरिकों के लिए नजूल रिकॉर्ड का अपडेट होना अब बेहद जरूरी हो गया है। पांच वर्षों से चली आ रही इस समस्या के कारण लोगों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि जिला प्रशासन और संबंधित भूमि अभिलेख विभाग सर्वे की स्थिति की समीक्षा कर रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं को दूर करें। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि सर्वे के बाद अब तक रिकॉर्ड दुरुस्त क्यों नहीं हुए और काम पूरा करने में कितना समय लगेगा।
अब शहरवासियों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई का इंतजार है। शासन-प्रशासन को इस मामले में पहल करते हुए नजूल रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करनी चाहिए, ताकि नागरिकों को नामांतरण, फौती दुरुस्ती, रजिस्ट्री और प्रधानमंत्री आवास सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।




