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महानदी की बाढ़ का वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने लिया जायजा, नाव से पहुंचे जलमग्न गांव, पढ़े पूरी खबर

राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य व मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश; प्रभावित परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों पर भी अधिकारियों से की चर्चा

विशालपुर सारंगढ़ नईदुनिया दिलीप टंडन 🖊️🖊️🖊️

सारंगढ़-बिलाईगढ़ | महानदी में बढ़े जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने सोमवार को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और राहत शिविरों का निरीक्षण कर प्रभावित ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों, किसानों, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं जानीं तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही राहत सुविधाओं की जानकारी ली।

वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने सबसे पहले सरिया स्थित कन्या शाला में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने शिविर में रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत कर उनके रहने, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बाढ़ से उत्पन्न परेशानियों के साथ आवास की जरूरत भी उनके सामने रखी। मंत्री ने अधिकारियों को राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य जांच, आवश्यक दवाओं और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों की आवास संबंधी जरूरतों पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।

इसके बाद वित्त मंत्री ग्राम बोरिदा पहुंचे और वहां बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के बाद राहत एवं बचाव दल के साथ नाव में सवार होकर जलमग्न ग्राम ठेंगागुड़ी का रुख किया। जलभराव के बीच गांव तक पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों की सुरक्षा, गांव में जलभराव की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। इसके बाद ग्राम तोरा पहुंचकर भी ग्रामीणों से संवाद किया और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

हीéराकुंड से जलप्रवाह प्रबंधन के बाद महानदी का जलस्तर घटने लगा

मीडिया से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बंगाल की खाड़ी से लगे तटीय क्षेत्रों के साथ ही छत्तीसगढ़ के बस्तर, धमतरी, रायपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और रायगढ़ जिले के पुसौर क्षेत्र में लगातार दो-तीन दिनों तक हुई भारी बारिश से महानदी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी। बांधों में पहले से पानी होने के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा।

उन्होंने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा सरकार के स्तर पर समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए गए। हीराकुंड जलाशय से जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए पहले 20 गेट खोले गए और बाद में आठ अतिरिक्त गेट खोले गए। इस तरह कुल 28 गेटों से जल निकासी की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 19 गेट बाईं ओर और नौ गेट दाईं ओर खुले हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि हीराकुंड से जलप्रवाह के नियंत्रित संचालन और दोनों राज्यों के बीच समन्वय के चलते महानदी के जलस्तर में कमी आने लगी है और स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण की ओर बढ़ रही है। पुसौर तहसील के ठेंगागुड़ी, तोरा और सुरजगढ़ सहित प्रभावित गांवों में एसडीएम समेत पूरा प्रशासनिक अमला मैदानी स्तर पर सक्रिय है। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य जारी

पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश और गंगरेल बांध के 14 गेट खोले जाने के बाद महानदी का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों में जलभराव की स्थिति बनी है। जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को राहत शिविरों, शासकीय चौपालों, ऊंचे स्थानों तथा रिश्तेदारों और परिचितों के घरों में सुरक्षित पहुंचाया है। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को जलमग्न क्षेत्रों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की समझाइश दी जा रही है।

कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया है। उनके निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और ग्राम कोटवार सहित मैदानी अमला लगातार प्रभावित गांवों में निगरानी कर रहा है। राहत और बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ तथा नगर सेना की टीमें तैनात हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

कई गांवों में घरों में घुसा पानी

ग्राम पोरथ में बस्ती के भीतर करीब चार से पांच फीट पानी बह रहा है। मंदिर के पास चार घरों में पानी प्रवेश कर चुका है। रानीडीह में चार घर प्रभावित हुए हैं और करीब 30 लोगों को शासकीय चौपाल में सुरक्षित रखा गया है, जहां पंचायत द्वारा भोजन की व्यवस्था की जा रही है। तोरा के ढलान वाले क्षेत्र में करीब तीन फीट पानी जमा है और दो घर प्रभावित हुए हैं। यहां 20 से 25 लोग सुरक्षित स्थान पर हैं।

रेबो के सभी 11 मकानों में पानी भर गया है। ग्रामीणों को ऊंचे स्थान पर सुरक्षित रखा गया है, जबकि मवेशियों को भी सुरक्षित स्थल पर पहुंचाया गया है। ठेंगागुड़ी में 10 से 12 मकान प्रभावित हुए हैं और गांव का रास्ता बंद है। यहां के करीब 40 लोगों को लुकापारा राहत केंद्र में सुरक्षित रखा गया है। बोरीदा में सांकरा-बोरीदा मुख्य मार्ग पर पानी भरा हुआ है और एसडीआरएफ की टीम तैनात है। ठेंगागुड़ी और बोरीदा क्षेत्र के करीब 60 लोग सरिया के राहत शिविर में सुरक्षित हैं।

छहीपाली में मुख्य मार्ग और खेतों में पानी भरा हुआ है। परसरामपुर में करीब 40 परिवारों के घरों तक पानी पहुंचा है और प्रभावित लोग पड़ोसियों के घरों में सुरक्षित हैं। नदीगांव में करीब 20 परिवार प्रभावित हुए हैं और 50 से 60 लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं। लिप्ती और विजेपुर में 10-10 घर प्रभावित हुए हैं तथा मुख्य मार्ग भी जलभराव की चपेट में हैं। नवापारा छोटे में गलियों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है।

पिहरा में करीब 20 घरों में पानी प्रवेश कर गया है और प्रभावित ग्रामीणों को सार्वजनिक चौपाल में सुरक्षित रखा गया है। बुदबुदा में स्कूल में पानी प्रवेश कर चुका है और गांव का रास्ता प्रभावित है। सूरसी में मुख्य मार्ग पर दो से तीन फीट पानी है तथा करीब पांच घर प्रभावित हैं। सुरजगढ़ में मुख्य मार्ग पर दो से तीन फीट पानी है और करीब 20 घर प्रभावित हुए हैं। छैलफोरा में मुख्य मार्ग अवरुद्ध है तथा तीन से चार घर प्रभावित हुए हैं। नवघटा के मंझवारपारा में 10 से 12 घर प्रभावित हुए हैं और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की

एडीएम उमेश साहू ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों की ग्रामवार स्थिति तैयार की गई है और मैदानी अमला लगातार निगरानी कर रहा है। राहत शिविरों में भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। एसडीआरएफ और नगर सेना की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में तैनात हैं तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। जलमग्न मार्गों से आवागमन न करें और प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए दी जा रही समझाइश का पालन करें। आपात स्थिति में जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 07788-299016 पर संपर्क किया जा सकता है।

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